फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पौने आठ करोड़ से होगी 129 किमी एनएच की मरम्मत

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। एनएच को गड्ढामुक्त करने की कवायद शुरू हो गई है। गाजीपुर से मांझी तक पौने आठ करोड़ से होने वाले पैच वर्क के लिए टेंडर हो चुका है।
विज्ञापन

जिले में एनएच-31 पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इसी दूरी में पड़ने वाली 90 फीसदी सड़क खराब है। कई जगह तो सड़क का नामोनिशान तक नहीं है और लोग पटरियों के सहारे किसी तरह वाहनों को निकालते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से आए दिन कोई न कोई चुटहिल हो जाते हैं। आलम यह है कि गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहनों के टकराने की संभावना भी बनी रहती है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों की मानें तो गाजीपुर से लेकर बलिया के मांझी तक 129 किमी एनएच के मरम्मत को टेंडर हो चुका है। बताया कि पौने आठ करोड़ का टेंडर जुलाई माह में किया गया है। संबंधित ठेकेदार की ओर से सड़क के मरम्मत को लेकर एनएच के किनारे जगह-जगह गिट्टी गिराई गई है लेकिन लगातार हो रही बरसात के कारण काम नहीं हो पा रहा है। बरसात थमने के बाद गड्ढों को भरने का काम किया जाएगा। ऐसे में बारिश के दौरान एनएच मरम्मत को हुए टेंडर को देखें तो इससे एनएच की दशा सुधरने की उम्मीद नहीं है। एनएचएआई के अधिकारियों की मानें तो जुलाई महीने में मरम्मत का टेंडर कराया गया है। महीनों पहले कराए गए सर्वे के आधार पर ही टेंडर हुआ होगा जबकि वर्तमान में बारिश होने के बाद एनएच की दशा और ही खराब हो गई और महीनों पहले के छोटे गड्ढों का आकार भी बढ़ चुका है।
विज्ञापन

बता दें कि एनएच-31 पिछले कई सालों से खराब है लेकिन इसे दुरुस्त करने को लेकर विभाग लगातार उदासीन बना रहा। इसी बीच एनएच 31 को एनएचएआई के हवाले कर दिया गया। करीब एक साल से यह सड़क एनएचएआई की देखरेख में है। लेकिन इसके मरम्मत केे लिए जुलाई महीने में टेंडर कराया गया जबकि आमतौर पर 15 जून के बाद से ही बरसात का मौसम माना जाता है और इस मौसम में कोई भी सड़क निर्माण या मरम्म्त का काम नहीं हो सकता। इस बात की पुष्टि भी एनएचएआई के प्रोजेक्ट डाइरेक्टर ने की है कि बारिश के दिनों में सड़क पर डामर का कार्य नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें