गलन और ठंड के बीच माडल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्रीगण।
बलिया/बांसडीहरोड। जिले में ठंड हाड़ कपां रही है। हाल यह है कि बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। जबकि गरीब तबका भी गलन और ठंडी हवाओं से बेहाल हो गया है। वहीं, ठंड का असर बाजारों पर भी पड़ा हैं। इसके चलते बाजारों में सुबह जहां ग्राहक कम निकल रहे तो वहीं शाम को जल्दी सन्नाटा पसर जा रहा है। उधर, जिला प्रशासन अलाव की अभी तक सही तरीके से व्यवस्था नहीं कर सका है। उधर, जिले में ठंड से मौत का सिलसिला भी जारी है। सोमवार की शाम ठंड ने बांसडीहरोड के शंकरपुर गांव में एक वृद्ध की जान ले ली। जिले में अधिकतम 22 और न्यूनतम पारा 09 डिग्री सेल्यिस रहा।
सोमवार की सुबह से ही कोहरे की चादर तनी रही। ऐसे में जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर के आसपास के साथ जिले की सभी क्षेत्रों में निजी और प्राथमिक विद्यालय खुले रहे। कुछ विद्यालयों ने स्वविवेक के आधार पर स्कूलों को बंद कर दिया है। जो खुले हैं वहां बच्चे ठिुठरते हुए जा रहे हैं। नगर के कुछ स्थानों पर भले ही अलाव जलता देखा गया। लेकिन अधिकांश स्थानों पर लोग ठंठ से सिकुड़ते नजर आए। अलाव न जलाए जाने से लोगों में आक्रोश रहा। जयप्रकाशनगर : तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में अब भी अलाव कहीं नहीं दिख रहा है। ठंड ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सुबह से लेकर रात्रि तक कोहरा की चादर ओढ़े होने से वाहनों की रफ्तार भी थम सी जा रही है। वहीं ठंड से बच्चों व बुजुर्गों के बीमार पड़ने का सिलसिला जारी है। मजदूरी करने वाले लोगों को तो यह ठंड कुछ ज्यादा ही परेशान कर रही है। बाजारों में जहां हमेशा भीड़ लगी रहती थी, ठंड से सन्नाटा पसर गया है। इस क्षेत्र के भवन टोला निवासी हरेंद्र सिंह, बाबू के डेरा निवासी वीरेंद्र यादव, हरिद्धार शर्मा, विजय यादव आदि ने कहा कि कड़ाके की इस ठंड में सरकारी स्तर से भी अलाव की व्यवस्था सर्वजनिक स्थानों पर जरूर होनी चाहिए।
ठंड लगने से वृद्ध की मौत
बांसडीहरोड। थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में सोमवार की रात ठंड लगने से एक वृद्ध की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। मालूम हो कि झगरू गुप्त (65) सोमवार की शाम स्थानीय बाजार में सब्जी की दुकान लगाई थी, जहां देरशाम ठंड लगने से कांपने लगा। घर पहुंचकर इसकी जानकारी परिवारवालों को दी। घरवाले निजी अस्पताल ले जाते, तब तक झगरू ने दम तोड़ दिया।