बलिया। नगर निकाय की चुनाव की मतगणना आज शुरु हो जाएगी। कल से नगर पालिका परिषद के चेयरमैन के रुप में प्रथम नागरिक का चुनाव हो जाएगा। लेकिन नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष के पद ग्रहण करते ही तमाम चुनौतियां होंगी। नगर के सुंदरीकरण, प्रकाश के साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत कूड़े का निस्पादन तथा जाम की समस्या से मुक्ति दिलाना एक प्रमुख चुनौती होगी।
नगर पालिका परिषद बलिया के आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो नपा का राज्य वित्त से कुल बजट 20 करोड़ रुपये का होता है। जिसमें कर्मचारियों के वेतन भुगतान के बाद बचने वाले धन से सड़कों, नाली, लाइट और शुद्घ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी होती है। जिसमें नगर के भीतर करीब 09.01 किमी सड़क को ठीक कराना। नगर में सोलर लाइट, मास्क लाइट, एलईडी, सोडियम लाइट भी लगाना होता है। जबकि नगर में 3600 खंभों के सापेक्ष 3190 प्रकाश बिंदु है। जिनके माध्यम से नगर को रोशन करने का जिम्मा नगर पालिका प्रशासन पर है। ऐसें में बहुत से स्ट्रीट लाइट खराब पड़े हुए है। जबकि नगर पालिका कार्यालय में स्टाफ के नाम पर कार्यालय कर्मी 83, सफाई कर्मी 139, संविदा कर्मी 73 तथा ठेका कर्मचारी 82 लोग रखे गए है। इसके बाद भी नगर के कूड़ा-कचरा को समय से उठाने में काफी समय लग जाते है। नगर के कई हिस्सों में कूड़ा फेंक दिया जाता है जो नव निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष के सामने चुनौतियां तो होंगी ही। इसके अलावा जो ज्वलंत समस्याएं हैं उनमें गंदगी से निजात, मच्छररोधी कार्यक्रम, सड़कों का निर्माण, नगर में पार्क, पार्किंग तथा शादी-विवाह उत्सव के लिए कम्युनिटी सेटर का निर्माण भी एक चुनौती होगी। सबसे अहम यह चुनौती होगी कि नगर के लोगों को साफ पेयजल मुहैया कराना। नगर क्षेत्र में कहीं भी सुंदर तरीके से सब्जी मंडी को विकसित नहीं किया गया है। यह भी नपा अध्यक्ष के सामने चुनौती होगी।