गड़वार विकास खंड के दमोदरपुर गांव स्थित बंद पड़ा राजकीय नलकूप।संवाद
बलिया। सरकार ने जिले के खराब नलकूपों को दुरुस्त करने के लिए धनराशि जारी की है। शासन ने 1.30 करोड़ का बजट दिया है। इससे सरकारी नलकूपों की कमियों को दूर किया जाएगा।
जिले के किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। नहरों में पानी का अभाव तो अधिकांश सरकारी नलकूप जवाब दे चुके हैं। ऐसे में रबी की सिंचाई के लिए किसान नहर व नलकूपों की राह ताक रहे हैं। गेहूं की फसल अब पानी चलाने का समय हो गया है। सिंचाई के समय नहर की सफाई का काम चल रहा है। वहीं, नलकूप खराब पड़े हुए हैं। इसमें नलकूप की नालियों के मरम्मत कार्य भी होंगे।
जिले में लगभग 866 नलकूप हैं। इनमें 800 नलकूप चालू हालत में हैं। 677 नलकूप बलिया में आते हैं, जबकि अन्य रसड़ा, नगरा व चिलकहर ब्लाॅक के नलकूप मऊ डिवीजन में आते हैं। इनमें 60 से ज्यादा खराब नलकूप ऐसे हैं जिनमें अधिकांश या तो बंद हैं या उनकी मशीनरी व पाइप लाइनें जर्जर हैं। इसका नतीजा यह है कि करीब पांच हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र पानी के लिए संघर्ष कर रहा है। फेफना, सरयां व दामोदरपुर के नलकूप तकनीकी दोष के कारण बंद हैं। किसान कई बार नलकूप विभाग के अधिकारियों से संपर्क भी कर चुके हैं लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। सरकार से जारी धनराशि से 677 सरकारी नलकूपों पर कार्य किए जाएंगे।
नलकूप विभाग के एक्सईएन संजीव कुमार ने बताया कि नलकूपों का संचालन बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।