फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: 13 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को मिले चिकित्सक, पांच लाख से अधिक की आबादी को राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाया है। लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे 13 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब तीन से चार साल बाद चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इससे पांच लाख से अधिक की आबादी को स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने की उम्मीद जगी है। अब तक इन केंद्रों पर चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर सीएचसी या जिला अस्पताल जाना पड़ता था।
विज्ञापन



मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने शासन के निर्देश पर चिकित्सकों के युक्तिसंगत प्रबंधन के तहत तैनाती का आदेश जारी किया है। इसमें सुखपुरा, छाता, नसीरपुर कला, पुर, गढ़मलपुर, फेफना, शिवन टोला, दुबेछपरा समेत विभिन्न ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने और संबंधित अधीक्षकों को योगदान आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
विभागीय आदेश के अनुसार, सीएचसी रसड़ा के दंत शल्यक डॉ. सत्येंद्र प्रताप सिंह को सीएचसी सुखपुरा, सीएचसी नरही के दंत शल्यक डॉ. धर्मवीर सरोज को सीएचसी फेफना और सीएचसी दुबहड़ के डॉ. विशाल कुमार को पीएचसी छाता भेजा गया है। इसी तरह सीएचसी सिकंदरपुर के डॉ. संदीप गौतम को पीएचसी पुर, सीएचसी खेजुरी के आयुष चिकित्सक डॉ. अमरनाथ शर्मा को गढ़मलपुर और पीएचसी मुरलीछपरा के आयुष चिकित्सक डॉ. आनंद शर्मा को पीएचसी शिवन टोला में तैनाती दी गई है। इसके अलावा पीएचसी चिलकहर के संविदा आयुष चिकित्सक को कुरेजी, सरायभारती के डॉ. चंद्रशेखर राम को चांदपुर रतसड़, सीएचसी सिकंदरपुर के आयुष चिकित्सक डॉ. राजेश प्रसाद को बालूपुर मनियर और सीएचसी नरही के डॉ. ब्रज कुमार को नसीरपुर पीएचसी भेजा गया है। अन्य चिकित्सकों को भी अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया है।
विज्ञापन



लंबे इंतजार के बाद ग्रामीणों को राहत

ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी के कारण सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। नई तैनाती से स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी सेवाएं शुरू होने और स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। पुर निवासी मनोज कुमार ने कहा कि चिकित्सकों की तैनाती के बाद इसका वास्तविक लाभ चिकित्सकों के नियमित बैठने और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं व अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें