फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी कम होने के बाद गांवों में पांव पसारने लगी संक्रामक बीमारियां

विज्ञापन
विज्ञापन
जयप्रकाशनगर (बलिया)। क्षेत्र में गंगा और घाघरा की बाढ़ से लोगों का जीवन यापन प्रभावित हो रहा है। राशन-पानी का संकट आने लगा है। इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा) पंचायत के रमेश्वर टोला सहित आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन स्थानों पर पेयजल का संकट गहराने लगा है। हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। स्कूल आदि बंद हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में पानी घुस गया है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गांवों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप भी गहराने लगा है।
विज्ञापन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हैंडपंप दूषित जल दे रहे हैं जिससे रोगों के बढ़ने की संभावना है। बाढ़ के पानी का जलस्तर कम हो होने से गांव के आसपास पानी में सड़ी गली घास फूस आदि की बदबू बहुत आने लगी है। जिससे लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा की खानापूर्ति की जा रही है। अभीस तक पूरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में क्लोरीन तक की गोली भी नहीं बंट पाई है। प्रभावित गांवों के लोग निजी चिकित्सकों से अपना उपचार कराने के लिए विवश हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित गांवों में फैल रहे विभिन्न प्रकार की बीमारियों को लेकर केवल खानापूर्ति कर रही है। क्षेत्र के कोड़रहा नौबरार पंचायत का भगवान टोला (टीपुरी), इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा) पंचायत के रमेश्वर टोला, देवदत्त पांडेय के टोला, दलेल टोला, बड़का सुफल टोला के साथ ही चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा पूर्वी, बकुल्हा, मठिया, चक्की चांददीयर, बड़का प्लाट, पलटू नगर आदि पूरवे बाढ़ की चपेट में हैं।
तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा कहा कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याएं उनके संज्ञान में है। बाढ़ राहत सामग्री अभी बांटी जा रही है बहुत जल्द ही पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जाएगी।
विज्ञापन

गंगा व घाघरा नदी की बाढ़ के पानी से क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित पंचायतों के पूरवों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बाढ़ की पानी में डूब जाने से सभी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। जिससे पशुपालकों को पशुओं के लिए चारा की बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्रयादव, बच्चा जी यादव, रूबी सिंह आदि ने कहा कि बाढ़ प्रभावित वाशिदों के लिए बाढ़ राहत सामग्री तो बंटवाई जा रही है लेकिन अभी तक इन पशुओं के चारे के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें