रामगढ़। शासन के निर्देश पर सदर तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय चौबेछपरा के नाम आवंटित पट्टे की जमीन से जेसीबी लगाकर अवैध कब्जे को हटवाया। इस दौरान कब्जाधारियों ने अधिकारियों से खुद को कटान पीड़ित बताते हुए व मुख्यमंत्री का आदेश का हवाला देते हुए (नहीं उजड़ेगी गरीबों की झोपड़ियां) रहम की गुहार लगाई। अधिकारी ने उक्त जमीन का पट्टा पीड़ित बस्ती के स्कूल के नाम होने का हवाला दिया। विस्थापित कटान पीड़ितों की नई बस्ती गंगापुर में स्कूल के नाम आवंटित जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कर ली गई।
बताया जाता है कि उक्त जमीन के कुछ अंश पर पट्टा आवंटन के पूर्व से ही ग्राम सभा गंगापुर के पुरवा रिकिनीछपरा के कटान पीड़ित तलाकशुदा मीना देवी, महेश गोंड झोपड़ी आदि डालकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। इसी बीच वर्ष 2016 में उक्त जमीन का पूरा भाग इसी ग्राम सभा के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए शासन ने क्रय कर लिया था। इसके बाद कटान पीड़ितों को जमीन रहने के लिए आवंटित करने के साथ ही उसी भूभाग में जिला प्रशासन ने कटान पीड़ितों के बच्चों के शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालय का भूमि भी आवंटन किया था।
इसी बीच प्राथमिक विद्यालय के भूभाग पर कटान पीड़ित मीना देवी तथा महेश गोंड अपनी रिहायशी झोपड़ी लगाकर कब्जा जमा लिया था। इसके बाद कब्जाधारियों ने खुद को कटान पीड़ित का हवाला देते हुए आदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि अदालत में यह मामला अभी विचाराधीन है। इस दौरान राजस्व निरीक्षक हल्दी अवधेश मिश्र, सुरेन्द्र मौर्य, क्षेत्रीय लेखपाल रामजी, रमेश वर्मा, एसओ हल्दी रवीन्द्र नाथ राय, एसआई जटाशंकर चौबे सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात थे।