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कवि सम्मेलन व मुशायरा में जमकर लगे ठहाके

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बलिया। नवयुवक मंगलदल बसंतपुर के तत्वावधान में दुर्गा पूजा व दशहरा पर्व पर सोमवार की रात कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ वरिष्ठ नागरिक राम गोविंद पांडेय, अध्यक्ष राहुल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वहीं भोजपुरी कवि बृज मोहन प्रसाद अनारी ने सरस्वती वंदना सुनाकर कार्यक्रम को गति प्रदान किया।
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इस दौरान कवि अनारी ने काहे बतिया पर नाही इतबार करीलें, बतिया ले ली भलही दूसरा-तीसरा से हम, लेकिन सांच कहत बानी रउरे से प्यार करेनी... सुनाकर पति-पत्नी के प्रेम का उल्लेख किया। शिक्षक व कवि अजीत सिंह ने देश भक्ति का जज्बा जगाते हुए जिंदगी है तो देश के नाम कर दो, शहीद होकर आने वाले नस्ल के लिए नया पैगाम कर दो। संचालन कर रहे गाजीपुर के कवि मिथिलेश गहमरी ने सुनाया कि कागजी पुतला जलाने से कोई फ र्क नहीं...। इनके अलावा शशिप्रेम देव, बक्सर के हास्य कवि हृदय नारायण शर्मा, गया शंकर प्रेमी, राजेंद्र सिंह गवार ने अपनी कविताएं पढ़ी। इस मौके पर अचरज सिंह, अवनीश सिंह, पलटू सिंह, विवेक सिंह, उपेंद्र सिंह, गुड्डू मिश्रा, अरविंद सिंह, बीरेंद्र सिंह, चंद्रमौलि सिंह, नवमी तुरहा आदि मौजूद रहे।
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