बलिया/मझौवां। जिले में गंगा नदी तांडव मचाना शुरू कर दी है। बाढ़ के पानी से घिरे 12 से अधिक शैक्षिण संस्थान के पठन-पाठन बंद हो गया है। एनएच-31 के दक्षिण दिशा के भरसौता से लेकर पाण्डेयपुर तक लगभग 1500 एकड़ में लगी फसलें डूब गईं हैं। जबकि तीन बस्तियां गंगा की कटान से महज 20 मीटर दूर हैं।
गंगा नदी मीडियम फ्लड लेबल के ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर शनिवार को 58.615 मीटर को पार कर गया था। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। बाढ़ के चपेट में सुघर छपरा, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला से लेकर पाण्डेयपुर तक आ गए हैं। रविवार के दिन से गोपालपुर कन्हई बाबा के स्थान से नदी का पानी प्रवेश करना शुरू कर दिया है। सबसे भयावह स्थिति सुघर छपरा गांव की है। दूबे छपरा हनुमान मंदिर पर बाढ़ चौकी कागजों में स्थापित की गई है। स्वास्थ्य टीम का कहीं अता-पता नहीं है।
केंद्रीय जल आयोग गायघाट के मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर रविवार की शाम 4 बजे 58.910 मीटर पर जाकर स्थिर हो गया है। गांवों में जाने वाली सड़कों पर नदी के बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। तीन तरफ से घिरे गांवों के सड़क मार्ग पर बाढ़ का पानी घुटने तक भर जाने से गांव वाले अपने दैनिक उपयोग के खाद्य सामग्री भी नहीं जुटा पाये है।
नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा गांव में फैला बाढ़ का पानी
मझौवां। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से सुघर छपरा गांव को जाने वाली संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है। जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। उधर, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा गांव में बाढ़ का पानी पूरी तरह से फैल गया है। भुआल छपरा गांव से फेकू बाबा के स्थान तक जाने वाली सड़क पर पानी भर जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गोपालपुर निवासी दीनानाथ तिवारी व बुजुर्गों का कहना है कि गंगा नदी पानी गांव की ओर रुख कर दिया है। 24 घंटे में अमर नाथ मिश्र पीजी कॉलेज दूबेछपरा व पीएन इंटर कॉलेज दूबेछपरा में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाएगा।
कटान तेज, 25 हजार आबादी संकट में
गंगा नदी नौरंगा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला में बैक रोलिंग से भीषण कटान होने का डर बना हुआ है गांवों के लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। बस्तियों के किनारे से नदी का मात्र 20 मीटर दूरी पर तांडव मचा रही है। नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला के 25 हजार की आबादी का हालात बद से बदतर हो गई है।
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जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हर क्षेत्र में दौरा कर रहा हूं। नेशनल हाईवे-31 के डेंजर पॉइंट पर 24 घंटे जेई की ड्यूटी लगाई गई है बचाव कार्य के लिए मिट्टी, रेत, ईंट के राट, बोल्डर, बम्बूक्रेट व पार्कोंपाइन की व्यवस्था कर दी गई है ताकि विपरीत परिस्थितियों से निपटना जा सकें। फिलहाल कहीं भी कोई खतरा नहीं है।- संजय कुमार मिश्र, एक्सईएन, बाढ़ विभाग।
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फसल बर्बाद होने से नुकसान की भरपाई कर पाना हमारे लिए संभव नहीं है। खेती ही परिवार की जीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में बार-बार फसल बर्बाद होने से परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।-यदुनाथ मिश्र, भुआल छपरा
जिस जमीन के सहारे परिवार की आजीविका चलती थी, वह पहले ही गंगा की धारा में समा चुकी है। अब हर समय यही डर सताता रहता है कि कहीं नदी हमारे घरों को भी अपने आगोश में न ले ले। -अभिनंदन ठाकुर, चक्की नौरंगा
नदी की उग्र धारा से उठने वाली आवाज से पूरा परिवार दहशत में रहता है, क्योंकि हमारा मकान नदी के मुहाने पर टिका हुआ है। कटान की आशंका को देखते हुए बहू को मायके और बेटी को ननिहाल भेज दिया है।-रामनिवास ठाकुर, भुआलछपरा
आज भी लोग बाढ़ और कटान के खतरे से महफूज नहीं हैं। यदि वाराणसी की तर्ज पर सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण करा दिया जाए तो नदी की धारा को नियंत्रित करने के साथ हजारों की आबादी को कटान से स्थायी सुरक्षा मिल सकती है।-वीरेंद्र तिवारी, गोपालपुर
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सरयू के लगातार जलस्तर में गिरावट
बेल्थरारोड क्षेत्र में सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर गिरावट हो रही है। जलस्तर में कमी होने से बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 64.41 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान से 40 सेंटीमीटर अधिक है। लाल निशान से ऊपर बहने वाली नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं और जलस्तर में घटाव का सिलसिला जारी है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है।
कन्या विद्यालय व प्रथामिक पाठशाला चारों तरफ से घिरा
दया छपरा में गंगा नदी के बाढ़ का पानी कन्या विद्यालय दुबे छपरा और प्राथमिक पाठशाला गोपालपुर को चारों तरफ से घेरने के बाद अमरनाथ मिश्रा स्नातकोत्तर महाविद्यालय छपरा के पीछे तक पहुंच गया है। वहीं उदई छपरा और गोपालपुर की गलियों में भी पानी पहुंचने लगा है। पानी अब राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर गंजाे बाबा स्थान तक पहुंच गया है।
बाढ़ से 80 फीसदी आबादी प्रभावित, विद्युत आपूर्ति बंद
जयप्रकाशनगर क्षेत्र में विकासखंड मुरली छपरा क्षेत्र की चांददियर पंचायत में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से बकुल्हा, पियारी के डेरा, बैजनाथ बाबा के डेरा, टोला फतेह राय और पलटू नगर की करीब 80 फीसदी आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है। इन पूर्वों में करीब 10 हजार की आबादी रहती है। पूर्वों की विद्युत आपूर्ति भी बंद कर दी गई है। बाढ़ का पानी प्राथमिक विद्यालय पलटू नगर, प्राथमिक विद्यालय बकुल्हा, प्राथमिक विद्यालय बैजनाथ बाबा का डेरा, प्राथमिक कम्पोजिट विद्यालय टोला फतेह राय तथा प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती मांझी तक पहुंच गया है। बाढ़ प्रभावित प्रशांत यादव, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, रविंद्र यादव, किशोर चौधरी, पंचदेव चौधरी और रामकुमार पासवान समेत अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पर्याप्त नाव, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विधायक प्रतिनिधि ने पीड़ितों को पहुंचाई मदद
बांसडीह क्षेत्र में भोजपुरवा गांव में विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह तथा एसडीएम बांसडीह पुष्कर मिश्र ने डेढ़ सौ बाढ़ प्रभावित परिवारों में खाद्यान्न व अन्य राहत सामग्री का वितरण किया। सरयू नदी का पानी बढ़ने से कई गांवों में लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं। भोजपुरवा, मलाहीचक, सुल्तानपुर पोखरा बस्ती, महाराजपुर, चांदपुर, चक विलियम, रिगवन में पानी घरों तक पहुंच गया है। टीएस बंधा के इलाके की कई सड़कें पानी में डूबने से आवागमन बंद हैं। इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बंद है। शुक्रवार की रात गांव की पानी में गिरी पानी की टंकी नदी में में तैर रही हैं।
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद
सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा चाँददीयर पंचायत का पलटू नगर का पुरवा।संवाद