बलिया। भले ही ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया है और प्रशासकों की निगरानी में अब विकास पहिया गतिमान है, लेकिन प्रधानों के कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितताएं एक-एक कर उजागर हो रही हैं। मनियर विकास खंड के मानिकपुर ग्राम पंचायत में निवर्तमान प्रधान और तत्कालीन सचिव की मिलीभगत से हुई 12 लाख 75 हजार 686 रुपये का गबन की पुष्टि जांच में हुई है। डीएम श्रीहरिप्रताप शाही ने दोनों से धन की रिकवरी कराते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
मानिकपुर निवासी नथुनी यादव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रधान जगमोहन यादव एवं तत्कालीन सचिव रमाशंकर यादव (सेवानिवृत्त) पर 14वें राज्य वित्त के तहत शासन द्वारा आवंटित धनराशि का गबन करने का आरोप लगाया था। मामले की जांच जिलाधिकारी ने जिला अर्थ व सांख्यिकी अधिकारी से कराई, जिसमें गबन की पुष्टि हुई। इसके उपरांत 13 जनवरी को जारी आदेश में जिलाधिकारी ने मनियर ब्लॉक के बीडीओ को निवर्तमान प्रधान से गबन की आधी धनराशि यानि छह लाख 37 हजार 883 रुपये की वसूली करने और निवर्तमान प्रधान के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा डीएम ने जिला विकास अधिकारी को तत्कालीन सचिव के सेवानिवृत्त पावकों से आधी रकम की वसूली का आदेश दिया। डीएम ने निवर्तमान प्रधान की ओर से धनराशि नहीं देने पर तहसीलदार बांसडीह को उनकी चल-अचल संपत्ति से भू-राजस्व बकाए की तरह वसूली करने का भी निर्देश दिया है। इस बाबत डीपीआरओ एसके पांडेय ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई शुरू की गई है।