बलिया। नौकरीशुदा 171 दंपतियों ने प्रभारी कार्मिक निर्वाचन को आवेदन कर किसी एक की ही ड्यूटी लगाने का आग्रह किया है ताकि मतदान के दिन बच्चों की देखभाल में दिक्कत न हो। इन आवेदनों को सत्यापन के लिए संबंधित विभाग में भेज दिया गया है। सत्यापन में बाद पति-पत्नी में किसी एक को निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सरकारी सेवा में कार्यरत दंपती की निर्वाचन संबंधी ड्यूटी को लेकर कठिनाईयों के आधार पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। दस दिन पहले प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से पत्र जारी कर बताया गया कि यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएन की ओर से अवगत कराया गया है कि पति एवं पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो दोनों में से किसी एक को चुनाव ड्यूटी से पूर्व में मुक्त रखा जाता रहा है। क्योंकि पति पत्नी दोनों को एक दिन पूर्व से पोलिंग स्टेशन पर जाने की स्थिति में उनके बच्चों की देखभाल की समस्या पैदा होती है। इसको आधार बनाते हुए कुल 171 दंपतियों ने कर्मियों ने किसी एक को चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की है। सहायक कार्मिक प्रभारी की मानेें तो इसके लिए मानक का निर्धारण किया गया है। इसमें ऐसे महिला कर्मियों को ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा जिसके पास दूधमुंहा बच्चा हो। बताया कि पति-पत्नी के बाबत मिले आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजा गया है और विभागीय अधिकारी की ओर से इसकी पुष्टि करने के बाद ही आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, कार्मिक प्रभारी कार्यालय में एक 55 वर्षीय महिला की ओर से आवेदन देकर बताया गया है कि उसके पास दूधमुंहा बच्चा है लिहाजा उसे चुनावी ड्यूटी से मुक्त किया जाए। सहायक कार्मिक प्रभारी की मानें तो महिला के आवेदन को संबंधित विभाग को जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि महिला के आवेदन गलत मिलने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ भ्रामक सूचना देने के आरोप में विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
प्रभारी कार्मिक बीएन सिंह ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देश के आधार पर सरकारी सेवा में कार्यरत दर्जनों कर्मियों ने आवेदन दिया है। इन आवेदनों को सत्यापन के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है। सत्यापन के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।