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तीन लाख परिवारों के पास नहीं हैं शौचालय

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जिले में अभी भी तीन लाख 20 हजार 668 परिवार शौचालय विहीन हैं, जबकि दो अक्टूबर 18 तक सभी गांव ओडीएफ किए जाने हैं। अभी तक सिर्फ 129 गांव ही ओडीएफ हो सके हैं। जबकि 1843 गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना है।
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स्वच्छता अभियान के तहत जिले के कुल 1843 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए कुल तीन लाख 87 हजार 980 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से ग्रामवार लक्ष्य निर्धारित हैं। शासन की ओर से दो अक्तूबर 18 तक जिले के सभी 1843 राजस्व गावों को ओडीएफ करने का लक्ष्य तय है। स्वच्छ भारत मिशन के डाटा पर नजर डालें तो जिले में अभी भी तीन लाख 20 हजार 668 परिवार शौचालय विहीन हैं। इसमें सीयर ब्लॉक के 159 राजस्व गांवों में 56248 परिवारों के सापेक्ष 37506 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। इसी तरह नगरा के 168 गांवों में 49438 परिवारों के सापेक्ष 30728, गड़वार के 153 गांवों में 39096 के सापेक्ष 24608, रसड़ा के 146 गांवों में 33102 के सापेक्ष 24381, चिलकहर के 138 गांवों में 34050 के सापेक्ष 21274, मनियर के 110 गांवों में 28921 के सापेक्ष 20056, हनुमानगंज के 95 गांवों में 37687 के सापेक्ष 19509 व बेरुआरबारी ब्लॉक के 93 राजस्व गांवों में 56306 परिवारों के सापेक्ष 16977 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। इसके अलावा नवानगर ब्लॉक के 95 राजस्व गांवों में 31817 परिवारों के सापेक्ष16218, दुबहड़ के 106 गांवों में 37133 के सापेक्ष 16850, सोहांव के 114 गांवों में 33282 के सापेक्ष 16846, बैरिया के 45 गांवों में 64211 के सापेक्ष 16832, मुरलीछपरा के 28 गांवों में 28787 के सापेक्ष 16374, बांसडीह के 162 गांवों में 29918 के सापेक्ष 15024, पंद्रह के 81 गांवों में 21549 के सापेक्ष 11846, रेवती के 106 गांवों में 20528 के सापेक्ष 11181 व बेलहरी ब्लॉक के 44 गांवों में 24767 परिवारों के सापेक्ष 4458 परिवार शौचालय विहीन हैं। अब तक जिले में 1483 राजस्व गांवों के सापेक्ष महज 129 गांव ही ओडीएफ हो सके हैं। इसमें तीन ब्लॉक नगरा, रसड़ा व पंदह ब्लॉक के कोई भी राजस्व गांव ओडीएफ नहीं हो सके हैं। हालांकि लक्ष्य को पाने के लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक को प्रतिदिन दो हजार 82 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि प्रतिदिन एमआईएस की स्थिति 1627 शौचालय की है। ऐसे में दो अक्तूबर 18 तक जिले के गांवों को ओडीएफ करना आसान नहीं है।
वर्जन =
जिले के 129 गांवों को ओडीएफ कर दिया गया है। सभी ब्लाकों को प्रतिदिन करीब दो हजार से अधिक शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 60 हजार 184 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है और सभी गांवों में तेजी से कार्य चल रहे हैं।प्रयास होगा कि समय सीमा के अंदर सभी गांवों को ओडीएफ कराया जा सके।
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= अभय कुमार यादव
डीपीआरओ, बलिया
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