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एक बार फिर कोरा साबित हुआ रेल राज्यमंत्री का आश्वासन

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बैरिया (बलिया)। हर बार की तरह इस बार भी माननीयों का आश्वासन कोरा साबित हुआ है। आलम यह है कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा की घोषणा के अनुसार एक अप्रैल से लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव सुरेमनपुर स्टेशन पर होना था। लेकिन वादा के मुताबिक ट्रेनों का ठहराव एक अप्रैल से नहीं किया गया। जिसको लेकर द्वाबा वासियों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ऐसे में क्षेत्रवासी जहां खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। लोग तो यह भी कह रहे हैं कि कहीं रेल राज्यमंत्री द्वाबा के लोगों को अप्रैल फूल तो नहीं बना दिए। सरकार के जनप्रतिनिधि के प्रति लोगों का नजरिया भी बदल रहा है। वहीं अंदरखाने इसको लेकर आंदोलन करने की सुगबुगाहट भी तेज हो रही है।
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सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस का ठहराव हो, यह मांग वर्षों से चली आ रही थी। बीते महीने होली मिलन समारोह के दौरान जब रेल राज्यमंत्री का आगमन हुआ तो क्षेत्रीय लोगों ने इस बहुप्रतीक्षित मांग रेल राज्यमंत्री के समक्ष रखी। साथ ही अवगत कराया कि आपको इस संदर्भ पहले भी अवगत कराया गया है। इस पर रेल राज्यमंत्री ने भी निराश नहीं किया और एक अप्रैल से उक्त ट्रेन का किसी भी सूरत में सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित कर दिया। अब इंतजार था एक अप्रैल का और वह भी दिन आ गया। लेकिन लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस का ठहराव सुरेमनपुर स्टेशन पर नहीं हुआ। उत्साहपूर्वक कई यात्री तो रविवार को स्टेशन पर जाकर खड़े रहे। लेकिन उनको निराशा हाथ लगी। ऐसे में क्षेत्रवासी अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। रानीगंज युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष रोशन गुप्ता ने रेल राज्यमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि रेल राज्यमंत्री के बातों में दम नहीं है, हमारी बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा नहीं कर पाए, यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह सेंगर ने बताया कि भाजपा का मतलब ही फेंकू पार्टी है और इनके मंत्री की तो बात छोड़िए। कम से कम रेल राज्यमंत्री आगे से वादा करते वक्त सोच समझ लें, फिर वादा करें।
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