बलिया। कोहरे और कड़ाके की ठंड के चलते दलहनी-तिलहनी फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। किसानों की मानें तो अरहर, मटर, आलू और सरसों को भी नुकसान पहुंचा है। लेकिन कृषि विभाग का दावा है कि जिले में कोहरे से कोई नुकसान नहीं है और पाला का असर किसी भी फसल पर नहीं है।
जनपद में कड़ाके की ठंड का असर दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही शुुरु हुआ और कमोवेश एक माह तक तक कोहरे व पाला का असर रहा। इसके चलते खासकर आलू, अरहर, मटर, मसूर, चना आदि की फसलें प्रभावित हुईं। आलू को बचाने के लिए किसानों की ओर से तरह-तरह के उपाय किए गए और कोहरे व पाला को देखते हुए लगातार छिड़काव भी किए गए। हालांकि अब मौसम में बदलाव आया है और किसानों को भी राहत मिली है। लेकिन कृषि विभाग की ओर से इस बाबत हुए नुकसान को लेकर कोई सर्वे नहीं कराया गया है।
कृषि उपनिदेशक की मानें तो जिले में कोहरे का असर तो जरुर रहा लेकिन पाले का असर नहीं रहा। बताया कि लगातार पड़े कोहरे से खासकर दलहनी व गेहूं की फसलों को फायदा हुआ है। कहा कि पाले का असर आलू पर होने की संभावना को देखते हुए किसानों को अलर्ट किया गया था लिहाजा किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। कृषि विभाग का दावा है कि दलहनी व आलू की फसलों का पैदावार इस साल अच्छा होने के आसार हैं।
कोट
कोहरे से दलहनी फसलों को लाभ पहुंचा है और किसी भी फसल के नुकसान की कोई सूचना किसी भी क्षेत्र से नहीं मिली है। आलू की फसलें भी कहीं प्रभावित नहीं हैं।
इंद्राज उपनिदेशक, कृषि