डीएम के आदेश के एक माह बाद भी सीएमओ ने आउट सोर्सिंग एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) आदि के भुगतान नहीं करने पर डीएम ने आउट सोर्सिंग एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आला अफसरों के आदेश का भी समय से पालन नहीं करते हैं। यहां तक कि संवेदनशील मामलों में लापरवाह बने रहते हैं। बताया जाता है कि जिले के स्वास्थ्य विभाग में बतौर ब्लाक प्रोजेक्ट की तैनाती आउट सोर्सिंग एजेंसी जनता शिक्षण संस्थान शाहपुर थुम्हाउत्तम बलिया के माध्यम से की गई है। ब्लाक प्रोजेक्ट मैनेजरों ने कई बार आला अफसरों से शिकायत किया कि मार्च 17 तक भुगतान विभाग से प्राप्त होने के बावजूद सेवा प्रदाता एजेंसी की ओर से उन्हें नहीं किया जा रहा है। लेकिन अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। 25 जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जब ब्लाक प्रोजेक्ट मैनेजरों ने इस मामले से डीएम को अवगत कराया तो उन्होंने सीएमओ को इसका सत्यापन कर दो दिनों के अंदर के भुगतान कराने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि यदि भुगतान नहीं होता है तो आउट सोर्सिंग एजेंसी के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराएं। लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य महकमा सोया रहा और ब्लाक प्रोजेक्ट मैनेजरों से इसकी शिकायत शासन को भेजी। शासन के निर्देश पर डीएम ने आठ अक्तूबर को सीएमओ सुधीर कुमार तिवारी को पत्र जारी कर मामले की जांच कर 30 अक्तूबर तक भुगतान सुनिश्चित कराने और दोषी सेवा प्रदाता एजेंसी पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।