बलिया/बांसडीहरोड। निजाम भले बदल गया हो, लेकिन बिजली विभाग की ‘फितरत’ नहीं बदली। दो-दो महीने से ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरमान जारी किया था कि नगरीय इलाकों में 24 घंटे और ग्रामण क्षेत्रों में 48 घंटे के भीतर फुंके ट्रांसफार्मर बदल दिए जाए, लेकिन उनके फरमान का जनपद में असर नहीं दिख रहा है।
ग्राम पंचायत चंद्रपुरा के रघुनाथपुर गांव में दो माह से दस केवीए का ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। 1912 हेल्प लाइन कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद बार-बार यही जाता है कि एक्सईएन से बात की जाय और एक्सईएन से बात करने पर कहा जाता है वर्क विभाग से संपर्क किया जाय, जहां फोन मिलाने पर उनका कहना होता है कि 1912 में फोन किया जाय। बीते दो महीने से यही ड्रामा चला आ रहा है। बावजूद एक्सईएन दावा कर रहे हैं 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है।
दुबहर विकास खंड के बेला गांव स्थित सरकारी नलकूप संख्या 328 एक माह से पोल सहित ट्रांसफार्मर जमीन पर टूटकर गिरा हुआ है। किसानों ने इसकी सूचना जेई सहित अधिशासी अभियंता को दी। बावजूद अभी तक ट्रांसफार्मर को सही नहीं किया। जिसके कारण आसपास के खेतों में लगे धान की नर्सरी पानी के अभाव में सूख रही है। पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह का कहना है कि अगर विभाग को चंदा देकर ट्रांसफार्मर ले जाया और ले आया जाय तो हो सकता है गांव सहित सरकारी नलकूप के ट्रांसफार्मर लग जाय। बांसडीहरोड क्षेत्र के हरिपुर गांव स्थित 63 केवीए का ट्रांसफार्मर दस दिनों से फुंका पड़ा है। जिसके कारण गांव के दलित बस्ती सहित अन्य घरों में विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। आलम यह है कि मोबाइल चार्ज कराने के लिए लोग दूसरे गांव में जाने को मजबूर है।
कोट
दो महीने से ट्रांसफार्मर फुंकने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि है भी एक्सस्पेशनल है। विभाग पूरी तरह शासनादेश पालने करने के लिए संकल्पित है। कहीं-कहीं कमियां है तो दूर की जाएगी।
एके सेन, अधिशासी अभियंता वर्कशॉप