बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश व एफटीसी प्रथम डा. जया पाठक की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति के खिलाफ दोष साबित पाते हुए दस साल की सश्रम कारावास तथा साठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के फिरोजपुर मालवीय नगर निवासी रामनाथ गुप्ता ने फेफना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बेटी निर्मला गुप्ता की शादी वर्ष 1995 में सिंहपुर निवासी नारायण के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही नारायण शाह और उसकी मां भगवती देवी दहेज के लिए वादी की पुत्री को ताना देने के साथ दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। आरोप था कि 25 अक्तूबर 2002 की रात उपरोक्त नारायण शाह व भगवती देवी ने निर्मला को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। सूचना पाकर वादी और उसकी पत्नी अस्पताल पहुंचे। दौरान इलाज जिला अस्पताल में दूूसरे दिन उसकी मौत हो गई। फेफना थाने में रिपोर्ट न लिखे जाने पर कोर्ट के आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने आरोपी पति के खिलाफ दोष साबित पाते हुए दस साल की सश्रम कारावास तथा साठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार पांडेय ने तर्क प्रस्तुत किया।