बलिया। जनपद में बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। इस पर शिक्षा विभाग की भनक न के बराबर है। क्योंकि ये स्कूल वाले भलिभांति जानते हैं कि कार्रवाई के नाम पर विभाग द्वारा बस नोटिस भेजा जाएगा। लेकिन भदोही में वैन कांड के बाद विभाग फिर सक्रिय हो गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बिना मान्यता के संचालित होने के संदेह में 130 विद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
मालूम हो कि तत्कालीन बीएसए राकेेश सिंह ने सत्र 2015- 16 में कुल 450 विद्यालयों को मान्यता न होने के कारण बंद किया था। उस वक्त भी लगभग 15 दिनों तक पूरे जनपद में हड़कंप की स्थिति बनी रही, वहीं स्कूल वाले भी मानक को पूरा करने में जी जान से लग गए थे। लेकिन इसके बाद मामला पूरा टांय-टांस फिस्स पड़ गया, आज भी वही 450 विद्यालय बिना मान्यता के आराम से चल रहा है। आरटीई एक्ट के तहत प्रत्येक विद्यालयों को अपने यहां 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश लेने का प्राविधान है। बशर्ते स्कूल मान्यता प्राप्त हो, लेकिन जनपद में आलम यह है कि बिना मान्यता के ही स्कूलों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। ऐसे में यदि विद्यालय वाले मानक को पूरा कर मान्यता प्राप्त कर लेते हैं तो कुल 1100 विद्यालय में प्रतिशत के हिसाब लगभग 22 हजार बच्चों का कल्याण हो जाएगा।