बलिया। जिले के कर्मचारी तथा शिक्षक संगठनों ने पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर अलग-अलग स्थानों से जुलूस निकाला। सभी कर्मचारी संगठनों का हुजूम जैसे ही कलेक्ट्रेट पहुंचा। कलेक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों की भीड़ देखकर प्रशासन भी अलर्ट हो गई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन भी जगह-जगह चौकस नजर आया।
कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में नगर के तहसीली स्कूल से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर रैली निकाली गई। जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट में पहुंचकर सभा के रुप में तब्दील हो गई। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए पुराना पेंशन बहाल करने की मांग की। ज्ञापन में 2005 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों को नई अंशदायी पेंशन को समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए मंच अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि नई पेंशन कर्मचारियों के साथ धोखा है। जिसका कोई भविष्य नहीं है। मंच की संयोजक सत्या सिंह ने कहा कि हजारों की संख्या में कर्मचारी और शिक्षकों ने रैली में भाग लेकर सरकार को अपनी मांग मनवाने पर मजबूर कर दिया है।
वेदप्रकाश पांडेय ने कहा कि हम पुरानी पेंशन लेकर ही रहेंगे। वरना हम सरकार को चलने नहीं देंगे। इस मौके पर अरुण सिंह, केपी सिंह, सुशील पांडेय, जितेंद्र सिंह, सुशील त्रिपाठी, रमावती पांडेय, देव प्रकाश सिंह, संजीव चौबे, निखिलेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे। संचालन राधेश्याम पांडेय तथा वेदप्रकाश पांडेय ने किया। इसी क्रम में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं जितेंद्र सिंहके नेतृत्व में जिला परिषद से रैली निकालकर पुरानी पेंशन बहाली के लिए आवाज बुलंद की। शहर के हर मोड़ पर अलख जगाते हुए रैली कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। रैली में पुरानी पेंशन प्राप्त अध्यापकों ने भी मांगों का समर्थन किया। जितेंद्र सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन यदि बहाल नहीं की गई तो हर स्तर की लड़ाई लड़ेंगे। कहा कि यह कैसी विडंबना है कि कोई एक दिन के लिए एमपी-एमएलए बनकर पेंशन का हकदार हो जाता है और कर्मचारी 60 साल सेवा करने के बाद भी पेंशन से वंचित कर दिया जाता है। इस मौके पर डॉ. राजेश पांडेय, तेज प्रताप सिंह, सुनील सिंह, प्रवीण ओझा, चंदन सिंह, अजेय किशोर सिंह, शशिकांत ओझा, समरजीत बहादुर सिंह, अजीत कुमार पांडेय अध्यक्ष दुबहर, पंकज सिंह, राजेश सिंह, विद्यासागर गुप्त, कुंवर राजेश सिंह, अरमान अली, सुनील मिश्र, मुक्तेश तिवारी, मुकेश सिंह आदि उपस्थित रहे।