बलिया। जिला समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद सलेमपुर रविन्द्र कुशवाहा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अत्याचार उत्पीड़न के मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपना-अपना सुझाव दिया तथा जनहित के कार्य संबंधी शिकायतें भी की। बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाखुशी जाहिर की।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद कुशवाहा ने एक्सईएन को निर्देश दिया कि अपने कार्यशैली में तत्काल सुधार लाएं और अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा कराएं। जनहित के कार्यों में जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनें। चेताया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो समिति को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने को भी अधिकार है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत पर भी सभी जनप्रतिनिधियों ने विशेष जोर दिया। कहा कि अगर सुधार नहीं होता है तो व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाय। सीएम सामूहिक विवाह योजना की तैयारियों की समीक्षा के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गयी कि अपने क्षेत्र के गरीब परिवार की बेटियों की शादी कराकर पुण्य के भागी बनें। इस योजना का प्रचार प्रसार कराएं। गरीबों के फार्म भरवाएं। जिला समाज कल्याण अधिकारी बब्बन मौर्य ने बताया गया कि बैरिया क्षेत्र में खपड़िया बाबा स्थान पर 18 जून को इस आयोजन में सौ से अधिक गरीब परिवार की बेटियों के हाथ पीले होंगे। इसी दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार उत्पीडन मॉनीटरिंग कमेटी की भी बैठक हुई। सांसद ने कहा कि इस तरह के उत्पीड़न के मामले में जो भी नियमानुसार सहायता बनती है, समय पर देना सुनिश्चित किया जाए। इसमें देरी कत्तई क्षम्य नहीं होगी। बैठक में सांसद भरत सिंह, राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर व सकलदीप राजभर, सांसद घोषी हरिनारायण राजभर, विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला, सुरेंद्र सिंह के अलावा सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, डीएसटीओ बब्बन मौर्य आदि अधिकारी मौजूद रहे।