भीमपुरा। विधानसभा चुनाव से पहले 18 वें ब्लाक का उद्घाटन भीमपुरा ब्लाक के रूप में हुआ। नगरा व सीयर विकास खंड के नौ न्याय पंचायतों को मिलाकर ब्लाक बनाने की कवायद शुरू हुई। दोनो ब्लाकों से कुछ कर्मचारी भी बैठाए गए। लेकिन यह ब्लाक इस समय सफेद हाथी साबित हो रहा है। पूर्व व वर्तमान जन प्रतिनिधि इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।
जिले में 17 ब्लाक में 18 वा ब्लाक भीमपुरा को बनाने की कवायद ढाई दशक पहले समाजवादी नेता एवं तत्कालीन विधायक स्व. शारदानंद अंचल ने शुरू की थी। उनके अथक प्रयास के बाद भी वह ब्लाक का रूप नही ले सका। इस बीच बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित हो गया और गोरख पासवान सपा के टिकट पर बेल्थरारोड से विधायक बने। पूर्व मंत्री शारदानंद अंचल के पुत्र बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल व बेल्थरारोड विधायक गोरख पासवान ने भीमपुरा को ब्लाक बनाने की कवायद में जुट गए। विधानसभा चुनाव से चंद दिनों पूर्व सूबे की अखिलेश सरकार ने भीमपुरा को ब्लाक बनाने हेतु घोषणा कर दी। आनन-फानन में पूर्व विधायक पासवान व अंचल ने 28 दिसंबर 2016 को जिले के आला अफसरों के साथ ब्लाक का उद्घाटन किड़िहरापुर स्थित डाक बंगले पर कराया गया। उद्घाटन के दौरान घोषणा की गई की चुनाव समाप्त होने के बाद 9 न्याय पंचायतों का कार्य भीमपूरा ब्लाक से किया जाएगा। लेकिन आज यह ब्लॉक लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। इस ब्लाक में नगरा की चार न्याय पंचायत और सीयर की 5 न्याय पंचायत शामिल किए गए।एक सप्ताह तक एक दो कर्मचारी भी दफ्तर में बैठाए गए। इस बीच चुनाव में जनप्रतिनिधि व्यस्त हुए और कर्मचारियों का बैठना भी समाप्त हो गया। तभी से भवन पर ताला लटका हुआ है। चुनाव में सपा प्रत्याशी पराजित हुए और भाजपा के धनंजय कन्नौजिया विजयी हुए। भीमपुरा क्षेत्र की जनता अपने को ठगा महसूस कर रही है।
बेल्थरारोड विधायक धनंजय कनौजिया ने कहा कि जनता को ठगने वाले लोग चले गए। अब भीमपुरा ब्लॉक को मूर्त रूप देने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। अगले बजट में भीमपुरा ब्लाक का निर्माण कराकर कर्मचारियों का पद सृजन कर ग्राम पंचायतों का काम शुरू करा दिया जाएगा। मै जनता के सपनों को कभी टूटने नही दूँगा यह मेरा वादा हैं। पूर्व विधायक गोरख पासवान ने कहा कि हमारी सरकार ने भीमपुरा को ब्लाक का दर्जा दिया।हम लोगों ने जमीन से लेकर न्याय पंचायत तक हर मानक को पूरा करते हुए उद्घाटन कराया गया था। वीडियो सहित हर कर्मचारियों को बैठाया गया। लेकिन आज सूबे की सरकार की उदासीनता के चलते भीमपुरा ब्लॉक मूर्त रूप नहीं ले पा रहा है। हम इसके लिए सरकार से लड़ेंगे।