रामगढ़। गंगा के जलस्तर बढ्ने का क्रम जारी है। आलम यह है कि दूबे छपरा पर चल रहा बाढ़ निरोधक कार्य बिल्कुल ठप सा हो गया है । गंगा का जल स्तर बढ़ने के साथ ही गंगा की तलहटी में चल रहा बाढ़ निरोधक कार्य बंद हो गया है और सूत्रों की मानें तो मजदूर भी वहां से पलायन कर गए हैं। कुछेक मजदूरों के सहारे बोल्डर विछाने का कार्य जारी है । अब देखना यह है कि 29 करोड़ रुपये से बन रहा जीओ विधि का प्लेटफार्म और यह स्पर गंगा की लहरों के सामने कितना कारगर साबित होता है। जिला प्रशासन और बाढ़ विभाग की उदासीनता का आलम यह है कि आज तक गांव को बचाने के नाम पर केवल कोरा अश्वासन मिलता चला आ रहा है । केहरपुर पीड़ितोें का कहना है कि ओटवा रहे लग्जरी वाहन के रेला ना टूटत रहे वोहघरी जे भैया आवे उ इहे कहे कि एह बार हमनी के आशीर्वाद दे दी जित जाईब त कवनो सुरत में इ गांव ना गिरल दिहल जाई । त्रिलोकी ओझा ने कहा कि अब त अहसने बुझाता की केहु के केहु से कवनों नइखे नाता जे ओह घरी सामाचार पुछ तरहे आज गड़ियों सके झांककर हमनी के दीनदाशा देखल मुनासिब नईखे समझत । सुघर छपरा निवासी जय प्रकाश पाण्डेय का कहना है कि अब त हमनी के अपना हाल पर ही छोड़ दिहल जाय अब गंगा मैया व उपर वाले के ही भरोशा बा । माई हई चहिये त बकस दिहें । केहरपुर निवासी पवन ओझा का कहना है कि अपनी गांव को गंगा के कटान से बचाने के लिए सांसद से लेकर विधायक व जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया लेकिन हर जगह अश्वासन ही मिला । केन्द्रिय जल आयोग गाय घाट के अनुसार गंगा का जलस्तर 51.11 मीटर दर्ज की गयी साथ ही प्रतिघंटा 5 सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।
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लाल निशान छूने को बेताब है घाघरा
बेल्थरारोड। उफनाई घाघरा की लहरें कहर बरपाने को आतुर हैं। बाढ़ का पानी तटवर्ती गांव की सीमाओं की ओर बढ़ने लगा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को अपराह्न जलस्तर 63.150 मीटर दर्ज किया गया। जो लाल निशान से 0.860 मीटर नीचे है। पिछले 36 घंटे के दौरान नदी के पानी में बढ़ोतरी का क्रम जारी रहने से जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है। आयोग के कर्मचारियों का कहना है कि दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इस समय जबकि जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर से भी कम रह गया है, इसी तरह वृद्धि का क्रम जारी रहा तो अगले 24 घंटे के बाद जलस्तर लाल निशान को पार कर सकता है।
घाघरा के बढ़ाव के चलते हाहा नाला राजभर बस्ती, गुलौरा, मठिया, तुर्तीपार आदि गांव के पास तक पानी पहुंच चुका है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गया है। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती वाशिंदे चिंतित हैं। उधर, संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। राजस्व कर्मियों को बाढ़ को लेकर अलर्ट कर दिया गया है ।