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काले शासनादेश के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी

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बलिया। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को जनपद के जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शैक्षणिक कार्य किया। कहा कि शासन द्वारा पदों में कटौती व अन्य अधिकार सीमित किए जाने के विरोध में चार फरवरी तक इसी तरह काली पट्टी बांधी जाएगी।
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जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों व प्रबंधकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्रक डीएम को सौंपा था। इसमें कहा गया था कि प्रदेश में प्रबंधकों द्वारा स्थापित सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल अपने सीमित संसाधनों के बावजूद गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करते हैं। जबकि पिछले दिनों शासन से जारी एक आदेश के द्वारा सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में लिपिक व परिचारक का पद समाप्त कर दिया गया। साथ ही सहायक अध्यापक का पद चार से घटा कर तीन कर दिया गया। उच्चीकृत विद्यालयों में नियुक्ति का अधिकार प्रबंधकों से छीन लिया गया।
उप्र सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय कान्हाजी ने कहा कि हम सभी लोग इस काले शासनादेश का विरोध करते हैं। इसके विरोध में आज से काली पट्टी बांधकर अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं। इसी क्रम में रसड़ा, पंदह, सियर, हनुमानगंज, बैरिया, बेलहरी, सोहांव समेत सभी ब्लाकों में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। मांग की कि सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के प्रबंधकों के अधिकार को सुरक्षित करते हुए इस काले आदेश को तत्काल वापस लिया जाए अन्यथा चार फरवरी के बाद पांच फरवरी को कलक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इस मौके पर अरविंद राय मुन्ना, गोपाल सिंह, पंकज राय, रामप्रताप सिंह, अनूप सिंह, अशोक केशरी, रणधीर सिंह, राजेश सिंह, राजू सिंह, श्यामनारायण सिंह, मतिउरहमान, श्यामनारायण यादव, कमलेश तिवारी, सुरेंद्र यादव, विवेक पांडेय, सत्यनारायण यादव, भगवान चौबे, अरुण चौबे आदि शामिल रहे।
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