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राजस्वकर्मी नहीं कर रहे नियमों का पालन

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अधिकारियों के निर्देश के बावजूद राजस्वकर्मी ई-डिस्ट्रिक्ट के नियमों का पालन नहीं कर रहे। ऐसे में निर्धारित समय से अधिक दिनों तक आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पा रहा। इसके चलते लोग आय और जाति निवास प्रमाण पत्र के लिए चक्कर लगा रहे।
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छह साल पहले सरकार ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए ग्रामीणों को घर बैठे सुविधाएं देने की व्यवस्था की। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में जनसेवा केंद्रों का संचालन शुरु कराया गया और इसके संचालन की जिम्मेदारी एक सेवा प्रदाता एजेंसी को दी गई। करीब तीन साल पहले जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल किया गया और सभी सेवाएं इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं को लेकर सरकार की ओर से आवेदनों के निस्तारण के लिए एक सप्ताह की समय सीमा भी निर्धारित की गई। हालांकि विशेष परिस्थितियों में निस्तारण की समय सीमा एक पखवारा तय की गई। एक पखवारा में आवेदनों के निस्तारित नहीं होने पर जिम्मेदारी तय संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के वेतन कटौती करने का प्रावधान किया गया। आवेदनों के निस्तारण को लेकर समय पर जनपद के आला अफसरों की ओर से भी निर्देश जारी किए जाते रहे लेकिन इसके बावजूद राजस्व विभाग के कर्मियों की मनमानी बदस्तूर जारी है।
आलम यह है कि अधिकांश आवेदन खासकर लेखपालों के पोर्टल पर ही कई दिनों तक लंबित रहते हैं और निस्तारण में मनमानी की जाती है। बतौर उदाहरण उदाहरण सदर तहसील के सोहांव गांव निवासी अरुण कुमार, प्रियंका, भरौली निवासी सत्यम आदि के आवेदनों का निस्तारण 10 दिनों बाद किया गया। यही हाल अधिकांश आवेदनों के भी हैं। इसके चलते लोगों को समय से राजस्व विभाग की आय, जाति व निवास प्रमाण सेवाओं का लाभ लोगों को समय नहीं मिल पाता है।
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वर्जन=
ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत आवेदनों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित है। समय-समय पर इसकी मॉनीटरिंग की जाती है और संबंधित कर्मियों को चेतावनी भी दी जाती है। आवेदनों के निस्तारण से संबंधित मॉनीटरिंग कराई जा रही है और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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= मनोज सिंघल, अपर जिलाधिकारी
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