पूर। तमाम प्रयासों के बावजूद गेहूं की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रही है। ब्लाॅक अंतर्गत खोले गए केंद्रों में पंदह, एकइल, खेजरी, मिश्रौली में 50 दिन बीतने के बाद भी महज लगभग 10000 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। जबकि इन्हीं सेंटर में एकइल क्रय केंद्र से पिछली बार धान की खरीदारी 26000 क्विंटल की गई थी, लेकिन इस बार इस केंद्र पर 48 किसानों से मात्र 1758 क्विंटल की खरीदारी हुई है।
वहीं, पंदह गेहूं क्रय केंद्र से 30 किसानों से मात्र 1286 कुंतल ही खरीद की गई है। जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य लगभग 2500 रुपये है। वहीं, बिचौलिए एमएसपी रेट से अधिक देकर किसानों का गेहूं खरीद ले रहे हैं। ऐसे में आप गेहूं की खरीदारी 15 जून के बाद बंद हो जाएगी लेकिन 50 दिन बीतने के बाद भी अपने निर्धारित लक्ष्य से मात्र 50% की गेहूं की खरीद नहीं हो पाई है। जबकि सरकार की गाइडलाइन थी विपरण अधिकारी एवं सहायक विपरण अधिकारी घर-घर जाकर के किसानों को प्रोत्साहित कर गेहूं की खरीद करेंगे लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद भी किसानों ने सरकार के केंद्रों पर गेहूं ना देकर बिचौलियों को गेहूं दे दिया।
वहीं, एकइल गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद भी केंद्र पर किस काम गेहूं ला रहे हैं। वहीं कुछ किसानों ने गेहूं को डंप कर रखा है जबकि कुछ किसान बिचौलियों की बात में आकर अपना गेहूं दे चुके हैं। पंदह केंद्र प्रभारी शुभम सिंह ने कहा कि पूरे दिन सेंटर पर बैठने के बाद एक -दो किसान आते हैं। गेहूं खरीद की जो रफ्तार चाहिए वह नहीं है प्रयास बहुत किया गया लेकिन किसान गेहूं लेकर केंद्र पर आने की वजह बिचौलियों को दे दे रहे हैं। 50 दिन बीतने को है इस केंद्र पर अब तक मात्र 30 किसान ही गेहूं लेकर आए हैं।।