प्रदेश सरकार की ओर से लघु व सीमांत किसानों को एक लाख तक का कर्ज माफ करने को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। जिले के 1.05 लाख किसानों के करीब छह करोड़ का कर्ज माफ होगा। इसको लेकर प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही किसानों की कर्जमाफी को लेकर कयास तेज हो गए। हालांकि नई सरकार भी अपने वादे को पूरा करने का दावा करती रही। आलम यह रहा कि मुख्यमंत्री योगी के शपथ ग्रहण लेते ही इसको लेकर कवायद शुरू हो गई। जिले में विभिन्न बैंकों के अलावा सहकारी बैंक के चेयरमैन की ओर से 18 हजार 521 किसानों के 18 करोड़ 38 लाख 29 हजार कर्जमाफी का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज सिंघल की मानें तो पहले जिले के कुल दो लाख 85 हजार 381 किसानों के सापेक्ष दो लाख 49 हजार किसानों के 50 हजार तक करीब पौने तीन करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। बुधवार को शासन की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के बाद नए सिरे से प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बताया लघु व सीमांत के दायरे में जिले के 1.05 लाख किसान आएंगे और करीब छह करोड़ कर्जमाफी का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। हालांकि प्रशासन इसको लेकर सतर्कता भी बरत रहा है ताकि तथ्यों को छिपाकर कोई व्यक्ति लाभ नहीं ले सके। इसके लिए किसानों की ओर से बैंक में दिए गए जमीनों के कागजात का सत्यापन भी संबंधित तहसीलों से कराया जा रहा है।