महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारी दंडित किए जाएंगे। लापरवाह अफसरों की शिकायत शासन स्तर तक की जाएगी। ये बातें राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. सुमित्रा यादव ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में कहीं। वह बुधवार को महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलाें की सुनवाई कर रही थीं।
सुनवाई के दौरान कई अधिकारियों ने मामले को हल्के में लेते हुए स्वयं आने के बजाय प्रतिनिधियाें को भेज रखा था। इस पर यादव ने नाराजगी व्यक्त की। ऐसे अधिकारियाें की शिकायत ऊपर करने की बात कही। सुनवाई के दौरान सिकरिया कला निवासी इसरत जहां ने दहेज उत्पीड़न की समस्या बताई।
मुलायम नगर निवासी रीना सिंह ने एक स्कूल में मनमानी का विरोध करने पर निकाले जाने की शिकायत की। हल्दी थाना के परसिया निवासी गीता ओझा ने गांव के कुछ लोगों पर मारने पीटने और परेशान करने की शिकायत की और सुरक्षा की गुहार लगाई।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस द्वारा किसी प्रकार का सहयोग न मिलने की शिकायत की। कहा कि इसी के चलते मजबूर होकर महिला आयोग की शरण में आना पड़ा।
महिलाओं की समस्या सुनते नाराजगी यादव ने नाराजगी जाहिर की। एक सप्ताह के अंदर त्वरित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। सीओ सिटी डीपी सिंह को निर्देश दिया कि अपने स्तर से मामलों के निस्तारण का प्रयास करें।