कैसरगंज। ग्राम गोड़हिया नंबर एक के मजरा बभननपुरवा में शुक्रवार शाम खेत की निगरानी करने गए युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। युवक ने शोर मचाते हुए तेंदुए से चार मिनट तक संघर्ष किया। लोग दौड़े तब युवक की जान बच सकी। जख्मी युवक को सीएचसी में भर्ती कराया गया। वन विभाग की टीम ने ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। पिंजरा लगाने की तैयारी है।
गांव निवासी राकेश कुमार यादव (26) ने बताया कि शुक्रवार शाम वह प्रतिदिन की तरह गेहूं की फसल की निगरानी करने गए थे। तभी खेत में छिपे तेंदुए ने झपट्टा मारा। अचानक हुए हमले से पहले तो राकेश सहम गए, फिर हिम्मत जुटाकर शोर मचाते हुए तेंदुए से भिड़ गए।
शोर सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद लोग दौड़े। इस बीच करीब चार मिनट तक तेंदुए से संघर्ष हुआ। लोगों का शोर सुनकर तेंदुआ राकेश को छोड़कर गेहूं के खेत में घुस गया।
तेंदुए से संघर्ष में राकेश के कमर और पैर में गहरे नाखून घुसने के जख्म हुए हैं। ग्रामीणों ने राकेश को सीएचसी कैसरगंज में भर्ती कराया। तेंदुए के हमले की सूचना पाकर पूर्व कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा और एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह सीएचसी पहुंचे और राकेश का हालचाल जाना।
रेंजर ओंकार नाथ यादव ने बताया कि हमलावर जानवर तेंदुआ है या कोई अन्य जीव, अभी पहचान नहीं हो सकी है। फिर भी एहतियात के तौर पर तीन टीमों को लगाया गया है। गश्त के साथ ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। वहीं डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। पिंजरा भी मंगाया गया है। पिंजरा के साथ ही थर्मोसेंसर कैमरे लगाकर नियमित निगरानी की जाएगी।
हाल ही में तेंदुए के हमले एक नजर में -
-23 मार्च 2026 को दलजीत पुरवा निवासी उपमा देवी तेंदुए के हमले में घायल हो गई थीं।
- 8 मार्च को निशानगाड़ा रेंज के भठ्ठा बरगदपुरवा में तुलसी पर हमला हुआ था।
- 7 मार्च को कारीकोट गांव में एक बालक की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी।
- 25 दिसंबर 2025 को चनैनी गांव में नागेश और धीरज यादव घायल हुए थे।
- 28 नवंबर 2025 को फखरपुर के उमरी दहलों में शांति देवी की जान चली गई थी।
- 6 दिसंबर 2025 को खेत जाते समय अच्छेलाल और उनके पिता पर भी हमला हुआ था, हालांकि दोनों सुरक्षित बच गए।