रुपईडीहा। नेपाल के रुकुम जिले की किशोरी को बहला फुसलाकर एक युवक मंगलवार को गोवा ले जा रहा था। सीमा पर एसएसबी के जवानों ने पूछताछ की तो उसने किशोरी को अपनी पत्नी बताया, लेकिन दोनों से अलग-अलग पूछताछ में मामला खुल गया। एसएसबी ने किशोरी को नेपाल की संस्था के सुपुर्द कर दिया, जबकि आरोपी युवक को लिखा पढ़ी के बाद नेपाल पुलिस को सौंप दिया है।
42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट गिरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि शाम करीब सात बजे चकिया मोड़ बस स्टैंड पर निगरानी के दौरान एक युवक और किशोरी संदिग्ध स्थिति में मिले। पूछताछ के दौरान युवक ने किशोरी को अपनी पत्नी बताया, लेकिन कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। संदेह गहराने पर दोनों को बीओपी रुपईडीहा लाकर एएचटीयू और एनजीओ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूछताछ की गई।
पूछताछ में किशोरी और युवक ने अलग-अलग जानकारी दी। किशोरी ने यह भी बताया कि वह बिना परिजनों को जानकारी दिए घर से निकल आई थी। जब उसके परिजनों से संपर्क किया गया तो उसकी मां ने युवक को पहचानने से साफ इन्कार कर दिया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
आरोपी युवक की पहचान वार्ड नंबर 08, त्रिवेणी ग्रामीण नगरपालिका, जिला रुकुम निवासी दिली बहादुर खड़का (22) के रूप में हुई। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह किशोरी को नेपाल से भारत के गोवा ले जा रहा था। प्रारंभिक जांच में मामला मानव तस्करी से जुड़ा पाया गया।