जरवलरोड। सरयू नदी पर स्थित संजय सेतु की मरम्मत के चलते सुबह 15 अप्रैल से पीपा पुल से आवागमन शुरू हो जाएगा। अगले दो माह तक यही अस्थायी पुल इलाके की जीवनरेखा बना रहेगा। खास बात यह है कि इस पुल पर रोजाना नदी के बहाव और हालात के अनुसार व्यवस्था में बदलाव करना पड़ेगा, जिसके लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि पीपा पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और बुधवार से इस पर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। हालांकि, सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल केवल छोटे वाहनों को ही पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है। बड़े और भारी वाहनों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पुल शुरू होने के साथ ही सुबह से लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। पुल पर एक समय में सीमित वाहनों को ही छोड़ा जाएगा, ताकि किसी तरह की दुर्घटना या दबाव की स्थिति न बने। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें, ताकि मरम्मत कार्य बिना बाधा के पूरा हो सके और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रभावित होंगे ये जिले
संजय सेतु बंद होने के कारण बहराइच के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बस्ती, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी और नेपाल की ओर से राजधानी लखनऊ आने-जाने वाले यात्रियों को इस व्यवस्था से गुजरना होगा। लोगों को समय और दूरी दोनों का अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ेगा।
विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी
पीपा पुल के संचालन और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस विभाग को यातायात नियंत्रण, सिंचाई विभाग को पुल की संरचना और जलस्तर की निगरानी, जबकि स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने का दायित्व दिया गया है।