सोनारी गांव निवासी एक युवक को ट्रैवलिंग एजेंट ने सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर भेजा था। मगर वहां पहुंचने पर युवक को बकरी चराने और सफाई कर्मी के काम पर लगा दिया गया। 15 दिन से युवक सऊदी अरब के अरार शहर में फंसा है। युवक के पिता ने आईजी, डीएम व एसपी के साथ ही सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास में भी बेटे को भारत वापस लाने के लिए पत्र भेजा है।
कैसरगंज थाना क्षेत्र के महुरीकला सोनारी गांव निवासी मुदस्सिर पुत्र शफीक अहमद बेरोजगार था। कुछ दिन पूर्व जरवलरोड थाना क्षेत्र के हरचंदा गांव निवासी अल्ताफ से शफीक की मुलाकात हुई। उसने अपने को ट्रैवलिंग एजेंट बताया और उसके पुत्र मुदस्सिर को सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने एक लाख 20 हजार रुपये वीजा और पासपोर्ट के नाम पर लिए। फिर दस हजार रुपये और लिए।
18 फरवरी को लखनऊ से दिल्ली जाने के बाद वह दिल्ली से सऊदी अरब रवाना हो गया। शफीक का कहना है कि सऊदी में उसे अरार शहर में चालक की जगह बकरी चराने का काम दिया गया। इसके बाद उससे शौचालय आदि की भी सफाई कराई जाने लगी। उसने फोन कर जानकारी परिवार को दी।
पिता का कहना है कि एजेंट अल्ताफ से शिकायत करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी। पिता ने इस मामले में थाने में तहरीर देने के साथ ही आईजी, डीएम, एसपी और सऊदी स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों को पत्र भेजकर पुत्र को वापस लाने की गुहार लगाई है।