बहराइच। सृजन व निर्माण के देव विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना गुरुवार को शहर और ग्रामीण अंचलों में विधि विधान से हुई। दोनक्का स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की गई।
वहीं प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के यांत्रिक कार्यशाला, पुलिस लाइन और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व अन्य विभागों में परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना कर भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई गई।
भगवान विश्वकर्मा मंदिर में सुबह नौ बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद हवन कुंड में विश्वकर्मा समाज के लोगों ने आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद गोष्ठी हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला संरक्षक धर्मराज विश्वकर्मा ने की।
इस दौरान भगवान विश्वकर्मा के महात्म्य पर चर्चा की गई। फिर सामूहिक भोज में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में डॉ. त्रिलोकीनाथ विश्वकर्मा, नगर अध्यक्ष विपिन विश्वकर्मा, छन्नूलाल, सीएल विश्वकर्मा, बीपी विश्वकर्मा, कृपाराम, अनोखेलाल आदि मौजूद रहे।
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग व नलकूप विभाग के यांत्रिक कार्यशाला में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से पूजा-अर्चना हुई। सभी ने विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर यांत्रिक कार्यशाला को रंगी-बिरंगी झालरों से सजाया गया।
कर्मियों ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र के सामने औजार रखकर पूजा अर्चना की। फल-फूल, नैवेद्य चढ़ाकर भगवान विश्वकर्मा से लोक कल्याण की कामना की। पुलिस लाइन के यांत्रिक विभाग में भी पूजा अर्चना हुई।
उधर, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रधानाचार्य की अगुवाई में विधि विधान से पूजा और हवन कर सभी ने सृजन के देव से लोक कल्याण की कामना की। इस अवसर पर प्रशिक्षु और कर्मचारी मौजूद रहे।