पयागपुर (बहराइच)। जिले मेंं जालसाजों के हौसले किस कदर बढ़े हुए हैं, इसका एक उदाहरण पयागपुर क्षेत्र में देखने को मिला है। जालसाज ने महिला सिपाही को ही अपना शिकार बना लिया और चार लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। ठगी का शिकार हुई महिला सिपाही ने डेढ़ साल बाद केस दर्ज करवाया है। पुलिस प्रकरण की जांच में कर रही है।
महिला सिपाही नीतू सिंह ने दर्ज एफआईआर में कहा है कि वर्ष 2023 में वह पयागपुर थाने में तैनात थीं। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता के लिए कार खरीदने का मन बनाया। थाने में तैनात उपनिरीक्षक मुकेश पांडेय ने अपने परिचित रफत से बात करवाई और छह लाख 30 हजार रुपये में कार का सौदा तय हुआ। बताया कि आठ मई, 2023 को उन्होंने चार लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से रफत द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। वहीं, शेष राशि किश्तों में देनी थी।
नीतू ने एफआईआर में आरोप लगाया कि रफत ने 10 दिन में कार देने का वादा किया था, लेकिन वह लगातार मुकरता रहा। दबाव बनाने पर रफत ने अपने रिश्तेदार अली के नंबर से बात कर 12 जून, 2023 को चार लाख का चेक पयागपुर थाने में मंगवाया जो बाउंस हो गया। महिला सिपाही का आरोप है कि शिकायत करने पर दोनों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। जिसपर नीतू ने अब पयागपुर थाने में केस दर्ज करवाया है।
थाना प्रभारी करुणाकर पांडेय ने बताया कि महिला आरक्षी की शिकायत पर दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की गई है।