इसके कुछ ही देर बाद पास के संगवा गांव में एक भेड़िया पहुंच गया। गांव निवासी शबनम (5) पुत्री बवाली सोकर उठी थी और घर से बाहर निकली। उसी दौरान झाड़ियों में छिपे भेड़िये ने उसे जबड़े में दबोच लिया। भेड़िया उसे खींचकर ले जाने लगा। चीख सुनकर लोग दौड़े और घेराबंदी की। लेकिन, कुछ दूरी पर ग्रामीण दो और भेड़ियों को देखकर सकते में आ गए।
गन्ने के खेत में घुस गया भेड़िया
ग्रामीणों के शोरगुल के कारण भेड़िया लगभग 250 मीटर दूर बच्ची को छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। जख्मी बच्ची को ग्रामीणों ने तुरंत संभाला और प्राथमिक उपचार के लिए फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची खतरे से बाहर है, लेकिन वह बेहद डरी हुई है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि चार टीरों को गांव में लगाया गया है। आसपास के खेतों में ड्रोन की मदद से तेंदुआ और भेड़ियों की निगरानी शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में पिंजरे पहले से लगे हुए हैं।
पहली बार एक साथ दिखे तीन भेड़िये
ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार तीन भेड़िये एक साथ दिखे हैं। ऐसे में सुबह और शाम घर से निकलना और भी डरावना हो गया है। उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग का कहना है कि भेड़ियों को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।