बौंडी। सरयू के कछार में भेड़ियों की दहशत फिर शुरू हो गई है। संगवा और आसपास के गांवों में बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक हुए दो हमलों से गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। भेड़ियों ने एक बच्ची को घर से खींचकर ले जाने की कोशिश की, इसके बाद एक ग्रामीण की बकरी पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया।
महसी और कैसरगंज क्षेत्र में लगातार उत्पात के बाद भेड़ियों के हमले पर अंकुश लगा था, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह भेड़ियों की सक्रियता ने ग्रामीणों में एक बार फिर डर पैदा कर दिया।
सुबह लगभग छह बजे तीन भेड़िये सिपहिया हुलास गांव में दाखिल हुए। उन्होंने एक बकरी को निशाना बनाया और उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। ग्रामीणों की आवाज सुनकर भेड़िये बकरी को छोड़कर खेतों की ओर भाग गए, लेकिन बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई।
इसके कुछ ही देर बाद पास के संगवा गांव में एक भेड़िया पहुंच गया। गांव निवासी शबनम (5) पुत्री बवाली सोकर उठी थी और घर से बाहर निकली, उसी दौरान झाड़ियों में छिपे भेड़िये ने उसे जबड़े में दबोच लिया। भेड़िया उसे खींचकर ले जाने लगा, चीख सुनकर लोग दौड़े और घेराबंदी की, लेकिन कुछ दूरी पर ग्रामीण दो और भेड़ियों को देखकर सकते में आ गए।
ग्रामीणों के शोरगुल के कारण भेड़िया लगभग 250 मीटर दूर बच्ची को छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। जख्मी बच्ची को ग्रामीणों ने तुरंत संभाला और प्राथमिक उपचार के लिए फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची खतरे से बाहर है, लेकिन वह बेहद डरी हुई है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि चार टीरों को गांव में लगाया गया है। आसपास के खेतों में ड्रोन की मदद से तेंदुआ और भेड़ियों की निगरानी शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में पिंजरे पहले से लगे हुए हैं।
पहली बार एक साथ दिखे हैं तीन भेड़िये
ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार तीन भेड़िये एक साथ दिखे हैं। ऐसे में सुबह और शाम घर से निकलना और भी डरावना हो गया है। उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग का कहना है कि भेड़ियों को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।