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बिना परमिट काट दिए बौर लगे 50 आम के पेड़

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बौर लगे आमों पर धड़ल्ले से आरा चलाया जा रहा है। इन्हें काटने के लिए वन विभाग परमिट भी जारी कर रहा है। वहीं विभागीय मिलीभगत से बिना परमिट भी बौर लगे आम के पेड़ काटे जा रहे हैं।
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 इसका प्रमाण मल्हीपुर के फुलवरिया शाहपुर व सोनवा के गौसपुर में देखने को मिला। जहां एक तरफ फुलवरिया शाहपुर में बिना परमिट पचास बौर लगे आम के पेड़ काट लिए गए। वहीं गौसपुर में वन विभाग द्वारा बौर लगे आम के पेड़ों को काटने की परमिट जारी की गई है।

फुलवरिया शाहपुर में काटे पेड़
गांव के बाहर मौजूद यह बाग काफी पुराना है। इसमें लगे आम के पेड़ों पर पहले से ही बौर लगे हुए थे। जिसे इन बौर लगे पचास आम के पेड़ों को मंगलवार को बिना परमिट कराए ही काट लिया गया। जिसकी जानकारी से विभाग इंकार कर रहा है।
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गौसपुर में फल वाले पेड़ों का परमिट जारी
शहतूत फार्म के पास बहराइच मल्हीपुर मार्ग किनारे इस बाग में लगे आम के पेड़ आज भी फल दे रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग ने बाग में लगे 27 पेड़ों को काटने के लिए परमिट जारी कर दिया है। मंगलवार तक ठेकेदार ने दस बौर लगे हरे पेड़ काट लिए।

यह है नियम
वन विभाग में पेड़ को काटने के लिए आवेदन देने के साथ संबंधित भूमि का खसरा व खतौनी देनी पड़ती है। साथ ही संबंधित पेड़ों की जांच कर उद्यान विभाग यह रिपोर्ट देता है कि आवेदक द्वारा जिन पेड़ों को काटने के लिए परमिट मांगी गई है वह पेड़ अब फल देने योग्य नहीं है।

मामले की जांच करवाएंगे
हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। बौर लगे आम के पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि ऐसा है तो तत्काल रेंजर या वन कर्मियों को मौके पर भेज कर इसकी जांच कराई जाएगी। -सीडी यादव, प्रभागीय वनाधिकारी
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