फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामगोपाल हत्याकांड: पत्नी बोलीं- न्यायालय का फैसला सिर-आंखों पर, पति को इंसाफ मिला; और फिर छलक पड़ी आंखें

Thu, 11 Dec 2025 07:53 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

रामगोपाल हत्याकांड में फैसला सुनाए जाने के बाद न्याय के लिए एक साल से संघर्ष कर रहीं पत्नी ने कहा कि न्यायालय का फैसला सिर-आंखों पर है। आज पति को इंसाफ मिला है। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...
विज्ञापन
रामगोपाल हत्याकांड में सुनाया गया फैसला। - फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के बहराइच में रामगोपाल हत्याकांड में बृहस्पतिवार को आए फैसले ने पीड़िता रोली मिश्रा के एक वर्ष के संघर्ष को पूरा कर दिया। पति की हत्या के बाद से लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहीं रोली मिश्रा ने कहा कि उनकी केवल एक ही मांग थी कि पति के कातिलों को फांसी की सजा मिले। न्यायालय ने यही फैसला सुनाया, जिसे वह सिर-आंखों पर रखती हैं।

विज्ञापन


रोली मिश्रा ने कहा कि अदालत ने पूरी निष्पक्षता के साथ निर्णय दिया है और यही उनके परिवार की अंतिम उम्मीद थी। उनकी इच्छा है कि वह एक बार सरकार से मिलकर अपनी पीड़ा और पूरे संघर्ष को स्वयं बता सकें। अब उन्हें विश्वास है कि न्याय मिला है और पति की आत्मा को भी शांति भी मिलेगी।

विज्ञापन

बहुचर्चित रामगोपाल हत्याकांड में बृहस्पतिवार को जिला न्यायालय ने अपना अंतिम निर्णय सुना दिया। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा द्वितीय ने फैसला सुनाया। इस दौरान कोर्ट परिसर से लेकर कचेहरी के आसपास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था रही। चप्पे पर पुलिस की नजर रही। 

किसे क्या सजा मिली?

  • सरफराज उर्फ रिंकू को हत्या में मुख्य भूमिका निभाने के लिए अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई।
  • सैफ अली को अपराध में सहयोगी भूमिका और अन्य सबूतों के आधार पर आठ वर्ष कारावास की सजा।
  • इसके अलावा अब्दुल हमीद, फहीम, मोहम्मद तालिब उर्फ सबलू, जावेद खान, मोहम्मद जिशान उर्फ राजा उर्फ साहिर, शोएब खान, ननकऊ और मारूफ को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई साथ ही एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। 
विज्ञापन

फैसला सुनाने के बाद सभी दोषियों को वापस जिला कारागार भेज दिया गया है। पुलिस और प्रशासन अब पूरे क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

13 अक्तूबर 2024 को क्या हुआ था?

महराजगंज बाजार में प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बंद करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
पथराव, आगजनी और भीड़ की हिंसा में फायरिंग हुई। रामगोपाल मिश्रा, अब्दुल हमीद के घर की छत पर पहुंचे। झंडा उतारने पर उन्हें अंदर घसीटकर पहले बेरहमी से पीटा गया। फिर गोली मार दी गई। लखनऊ ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी। पुलिस ने घटना में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया। इनमें 10 को दोषी पाया गया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें