बहराइच। शहर के गुदड़ी मोहल्ले में दहेज में बाइक न मिलने पर पति ने परिवारीजनों के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी। साथ ही वारदात को छिपाने के लिए विवाहिता का शव बोरे में भर दिया। आसपास के लोगों ने विवाहिता के न दिखने पर पूछा तो शव को बोरे में ही छोड़कर परिवारीजन घर से फरार हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के पिता की तहरीर पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
नगर कोतवाली क्षेत्र के वशीरगंज मोहल्ला निवासी नबी अहमद ने अपनी बेटी नरगिस का निकाह पांच साल पहले गुदड़ी मोहल्ला निवासी अजीज अहमद के पुत्र भोले के साथ किया था। नबी ने बताया कि शादी के बाद से ही विवाहिता के ससुरालीजन बाइक की मांग करने लगे थे। बाइक न दे पाने पर उसे मारापीटा करते थे। गुरुवार की सुबह पड़ोसियों से पता चला कि दामाद ने अपने मां-बाप व भाई-बहन के साथ मिलकर बेटी की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी है।
शव को छिपाने की नियत से बोरे में भर दिया था। इसी बीच आसपास के लोगों ने नरगिस के न दिखने की बात पूछी तो परिवारीजन बोरे में शव को छोड़कर घर से फरार हो गए। पड़ोसियों की सूचना पर नगर कोतवाल आरपी यादव मौके पर पहुंचे। बोरे में भरा शव बरामद किया गया। नगर कोतवाल ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को पकड़ने केे लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
दो बच्चों की मां थी नरगिस
नरगिस दो बच्चों की मां थी। नरगिस ने तहजीब व नेहा को जन्म दिया था। बेटी नेहा की उम्र छह साल व बेटा तहजीब अभी मात्र तीन साल का हुआ था, लेकिन दहेज की चाहत ने बच्चों के सिर से मां की ममता छीन ली। अब दोनों बच्चे अपनी मां को तलाशते हुए घर में चक्कर काट रहे थे। उनकी मासूमियत को देखकर मोहल्ले के लोगों की आंखों से भी आंसू छलक उठे।