बहराइच। जन समस्याओं के निस्तारण के लिए शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जहां तहसील सदर में डीएम अक्षय त्रिपाठी ने शिकायतें सुनीं, वहीं मिहींपुरवा तहसील में एक दशक से अधूरे पड़े सुजौली-हरखापुर मार्ग का मुद्दा ग्रामीणों की नाराजगी के केंद्र में रहा। पयागपुर में चकमार्ग पर कब्जे की शिकायतें अधिक रहीं।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता न बनकर लोगों की समस्याओं के वास्तविक समाधान का माध्यम बने। इस दौरान एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, सीडीओ सुनील कुमार धनवंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
तहसील सदर में समाधान दिवस में आईं 66 में से पांच, मिहींपुरवा (मोतीपुर) में 87 में से दो, कैसरगंज में 118 में से 12, पयागपुर में 118 में से सात, महसी में 102 में से पांच तथा तहसील नानपारा में प्राप्त 66 शिकायतों में से महज सात का ही मौके पर समाधान किया जा सका।
तो आखिर कब बनेगी सड़क
मिहींपुरवा क्षेत्र में सुजौली, हरखापुर और आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने समाधान दिवस में सड़क निर्माण का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। ग्रामीणों का कहना रहा कि सुजौली-हरखापुर मार्ग का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा है, अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है। लोगों को इलाज, शिक्षा और रोजमर्रा के कार्यों के लिए लगभग 40 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर कतर्नियाघाट के जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण की स्पष्ट समय सीमा घोषित करने की मांग की। इस दौरान क्रांति मिश्रा, संदीप कुमार मौर्य, सुधीर शुक्ला, मोहम्मद रफीक व कृष्णा पांडेय समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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चकमार्ग पर कब्जा, सफाई और जलनिकासी रहीं प्रमुख समस्याएं
पयागपुर में समाधान दिवस में भूमि विवाद, चकमार्गों पर कब्जा, सफाई व्यवस्था और जलनिकासी की शिकायतें बड़ी संख्या में सामने आईं। कांधिकुइयां निवासी पंचदेव तिवारी ने वार्ड 13 और 14 में नाला निर्माण कर जलनिकासी व्यवस्था सुधारने की मांग की। वहीं भूपगंज निवासी एसजे मिश्रा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज सफाई संबंधी शिकायत का निस्तारण न होने का मुद्दा उठाया। इस पर एसडीएम ने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई। काशीजोत गांव में खलिहान पर कब्जे और रोहनीभारी गांव में प्रधानमंत्री आवास की बकाया मजदूरी भुगतान का मामला भी अधिकारियों के समक्ष रखा गया। शिकायतकर्ताओं ने जल्द कार्रवाई की मांग की।