किसानों से गेहूं खरीद करने के लिए एक अप्रैल से क्रय केंद्र खोल दिए गए। केंद्र खुलने के साथ ही खरीद भी शुरू कर दी गई है। हालांकि दो दिन में कोई किसान गेहूं बेचने को आगे नहीं आया है।
केंद्र खुलने के दो दिन बाद भी शासन से जिले के लिए खरीद का निर्धारित लक्ष्य अभी नहीं भेजा गया है। दो दिन तक और लक्ष्य नहीं मिलने की उम्मीद है। खरीद को देखते हुए खाद्य विभाग ने कोलकाता से बोरे मंगवा लिए हैं। सरकारी गोदामों की साफ सफाई का काम भी शुरू कर दिया गया है।
मूल्य समर्थन योजना के तहत शासन में कैबिनेट की हुई बैठक में पूरे प्रदेश में 46 लाख मीट्रिक टन गेहूूं खरीद करने का निर्णय लिया जा चुका है। इस बार 1525 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को भुगतान किया जाएगा। इसके लिए जनपद में छह क्रय एजेंसियों के माध्यम से 97 क्रय केंद्र एक अप्रैल से स्थापित कर दिए गए हैं। क्रय केंद्र स्थापित होने के साथ ही बैनर आदि टांग दिए गए हैं। लेकिन अभी तक जनपद को खरीद के लिए लक्ष्य नहीं दिया गया है।
डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय का कहना है कि शासन में शनिवार और रविवार को अवकाश रहता है। ऐसे में सोमवार को ही जनपद को लक्ष्य मिल सकेगा। जिसके बाद क्रय एजेंसियों को केंद्रवार खरीद का लक्ष्य आवंटित कर दिया जाएगा।
कोलकाता से मंगवाए गए बोरे
गेहूं खरीद को देखते हुए प्रति केंद्र तीन-तीन गांठ बोरे मांगे गए हैं। एक गांठ में पांच सौ बोरे होते हैें। बोरों को कोलकाता से सड़क मार्ग और रेल मार्ग से जनपद को भेज दिया गया है। यह भी एक से दो दिन में पहुंच जाएंगे।
गोदामों की शुरू हुई सफाई
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि केंद्रीय भंडारण निगम के गोदाम को साफ कराने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा कैसरगंज और बसंतापुर के एफसीआई के गोदामों की भी साफ सफाई शुरू करा दी गई है। जिससे खरीद के बाद गेहूं का भंडारण समय से हो सके।