महसी (बहराइच)। बेलहा-बेहरौली तटबंध के किलोमीटर संख्या 63 के पास तीन स्थानों पर मंगलवार को सुबह पानी व मिट्टी का रिसाव शुरू हो गया। क्षेत्र के बच्चों ने पानी का रिसाव देखा तो चौकीदार को सूचना दी। चौकीदार की सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौरंग, बालू व गिट्टी डालकर पटान शुरू कराई। मिट्टी का बहना रुक गया है, लेकिन पानी का रिसाव अभी भी जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम व नायब तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण कर मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
महसी तहसील अंतर्गत बेलहा-बेहरौली तटबंध घाघरा नदी के बहाव को रोकने के लिए दशकों पूर्व बनाया गया था। सुबह बेलहा-बेहरौली तटबंध किलोमीटर संख्या 63 के निकट तीन स्थानों पर दबाव के चलते पानी रिसने लगा। सुबह 8.30 बजे बच्चों ने तटबंध से पानी रिसता देख शोर मचाया। ग्रामीणों की सूचना पर चौकीदार बहोरीलाल मौके पर पहुंचे। बहोरीलाल ने मौके पर देखा तो बांध से पानी निकल रहा था।
चौकीदार ने मामले की जानकारी सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा को फोन से दी। इस पर अधिशासी अभियंता ने सिंचाई विभाग के एई एके पाल और जेई दीपक कुमार को मौके पर भेजा। अधिकारियों ने कैंप करते हुए श्रमिकों से मिट्टी, मोरंग, बालू व गिट्टी की बोरियां भरकर लीकेज स्थान पर डालीं। इससे छिद्र से मिट्टी आनी बंद हो गई है, लेकिन पानी निकल रहा है। एक्सईएन शोभित कुशवाहा ने बताया कि समस्या की कोई बात नहीं है। यह पानी सोखता से आ रहा है। सोखता भरने के बाद पानी का निकलना बंद हो गया। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दी।
डीएम शंभु कुमार ने मौके पर एसडीएम महसी एसएन त्रिपाठी को मौके पर भेजा। नायब तहसीलदार विपुल सिंह के साथ एसडीएम पहुंचे। एसडीएम ने तटबंध का निरीक्षण किया। एसडीएम ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि बंधे को हर हाल में सुरक्षित रखा जाए और इसकी निगरानी करते रहें।
पानी के दबाव से होता है रिसाव
इस समय घाघरा नदी में पानी अधिक मात्रा में है। तटबंध पर जब पानी का दबाव अधिक पड़ता है तो पानी की ठोकरें बंधे पर हिलोरे लेती हैं। अधिक पानी के कारण तटबंध पर चोट पहुंचती है। इससे बंधा डैमेज होने की समस्या होती है। लेकिन समय रहते उसे दुरुस्त कर लिया गया है। किलोमीटर संख्या 63 टिकुरी गांव में पानी का इस समय काफी दबाव बना रहता है। यहां तटबंध काफी पतला है। संवेदनशील बना रहता है। इस पर ध्यान दिया जा रहा है।
- शोभित कुशवाहा, एक्सईएन सरयू ड्रेनेज खंड
वर्ष 1984 में कट गया था बंधा
महसी तहसील के ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 1984 में काफी मात्रा में पानी आ गया था। इससे बेलहा-बेहरौली तटबंध कट गया था। इससे जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भर गया था। तटबंध पर बांधे गए हजारों मवेशी डूब गए थे। कई लोगों की जान चली गई थी।