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Bahraich News: खलिहान, बंजर व आबादी में बसे गांव पर भी वक्फ का दावा

Sun, 06 Apr 2025 03:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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विभाकर शुक्ल
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बहराइच। खलिहान, बंजर भूमि, चकमार्ग के साथ ही आबादी में बसे गांव तक की जमीन पर वक्फ अपना दावा कर रहा है। वहीं जो संपत्ति वास्तव में वक्फ की है, उसे उसने धार्मिक प्रयोजन के बजाय सादे कागजों पर लोगों को बेच दिया। ऐसे ही कई मामले पयागपुर, नानपारा व बहराइच शहर में देखने को मिल रहे हैं। वक्फ की ऐसी भूमि जिसका उपयोग गैर धार्मिक प्रयोजन के लिए किया जा रहा है और उसे खाली करा लिया जाए तो शहर ही वीरान हो जाएगा।

पयागपुर तहसील क्षेत्र में ही देखा जाए तो चार अलग-अलग स्थानों पर वक्फ सरकारी भूमि पर अपना दावा ठोक रहा है। इसमें वक्फ मस्जिद का दावा है कि गाटा संख्या 1156 रकबा 1.005 हेक्टेअर, जो आबादी के रूप में दर्ज है। इसके ज्यादातर क्षेत्र में लोगों ने अपना घर बना लिया है। इसी गांव में गाटा संख्या 852 रकबा 0.035 हेक्टेअर पर गांव के ही हामिद का कब्जा है। यह अब संक्रमणीय भूमिधर हो चुका है। इसी क्षेत्र में वक्फ मस्जिद विलाल का भी अपना दावा है। इनका दावा है कि गाटा संख्या 1192 जो आबादी के रूप में दर्ज है। गाटा संख्या 1202 खलिहान के रूप में दर्ज है। वह इनकी संपत्ति है।
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इसी प्रकार कांधभारी में मस्जिद गौसिया अहले सुन्नत व जमाआत का दावा है कि गाटा संख्या 860 जो बंजर भूमि के रूप में दर्ज है, वह उनकी है। इसी प्रकार खरगौरा जनूब के ही अक्सा मसजिद का दावा है कि गाटा संख्या 1437 जिस पर गौस अहमद का कब्जा है, वह उनकी है। वहीं, गौस मोहम्मद संक्रमणीय भूमिधर के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। यही स्थिति नानपारा तहसील क्षेत्र की भी है। यहां वैसे तो 771 भूमि पर वक्फ अपना दावा कर रहा है, लेकिन 168 भूमि जिसका कुल रकबा 37.0166 हेक्टेअर है, वह सरकारी है। इसमें गांव का नाला, चकमार्ग, आबादी, कुछ बसे हुए गांव शामिल हैं। उसे वक्फ अपना होने का दावा कर रहा है। ऐसे ही बहराइच सदर में 464 वक्फ संपत्ति बताई जा रही है। इनमें से 119 भूमि सरकार की है, जिस पर वक्फ अपना दावा ठोक रहा है।
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...तो पूरा शहर हो जाएगा वीरान
शहर का वक्फ नंबर 19 सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह का क्षेत्र जिले की सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति है। इसमें दरगाह के आस-पास पलरीबाग, जोहराबीबी बाग, अनारकली झील के साथ ही एक पूर्व सांसद की बैनामाशुदा जमीन को भी वक्फ की संपत्ति बताया जा रहा था। यही नहीं छोटी तकिया, बड़ी तकिया के साथ ही कई अन्य मोहल्ले वक्फ की संपत्ति में बसे हुए बताए जा रहे हैं। यह भूमि घर बनाने वालों को सादे कागज पर दे दी गई है। जहां आज पूरा शहर बसा हुआ है। यदि नियमों के अनुसार धार्मिक प्रयोजन के अतिरिक्त वक्फ की संपत्ति को खाली कराने का आदेश दिया जाए तो पूरा शहर ही वीरान हो जाएगा। (संवाद)

जिले में कुल 2991 वक्फ संपत्ति में 904 सरकारी है। ये अलग-अलग तहसील क्षेत्रों में हैं। -संजय मिश्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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