रिसियामोड़/पयागपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय व राज्य सरकार की 16 सदस्यीय टीमों ने मंगलवर को रिसिया, चित्तौरा व पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया।
प्रसव कक्ष, दवाओं की उपलब्धता, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा जैसे कार्यक्रमों के अभिलेखों की जांच की है। इस दौरान पयागपुर में प्रसव कक्ष व परिसर में गंदगी मिली है। जेएसवाई की खामियां टीम ने पकड़ी है। टीम ने शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राष्ट्रीय सलाहकार डॉ रेनू श्रीवास्तव की अगुवाई में सोमवार को 16 सदस्यीय जांच टीम ने बहराइच में डेरा जमाया है। पहले दिन फखरपुर सीएचसी का निरीक्षण किया गया।
मंगलवार को अलग-अलग टीमों ने रिसिया, चित्तौरा व पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण हुआ। टीम ने यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित मानव संसाधन, दवाइयों की उपलब्धता, लाभार्थियों के भुगतान की समीक्षा की।
जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रमों के अभिलेखों की गहनता से जांच की और सिटीजन चार्टर, आवश्यक दवाओं के प्रदर्शन का भी आकलन किया।
टीम ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रसूताओं को दिए जाने वाले भोजन की हकीकत को भी परखा है। पयागपुर स्वास्थ्य केंद्र पर टीम में शामिल केसी चतुर्वेदी व मोहित ने प्रसव कक्ष व परिसर में व्याप्त गंदगी को देखकर नाराजगी जताई।
इसके अलावा जेएसवाई के लाभार्थियों के अटके भुगतान पर भी अधीक्षक से सवाल किया लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। टीम ने शासन को मामले से अवगत कराने की चेतावनी दी है।