बिछिया (बहराइच)। नानपारा-मैलानी रेल प्रखंड पर रविवार से ट्रेनों का संचालन नहीं होगा। इसको लेकर ग्रामीण में आक्रोश है। ट्रेन बंद होने के विरोध में शनिवार को बिछिया बाजार पूरी तरह बंद रहा। कई गांवों के लोगों ने रेलवे स्टेशन पर पहुंची ट्रेन को रोक कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि अति पिछड़े क्षेत्र के लिए ट्रेन ही आवागमन का मुख्य सहारा है। इसका संचालन बंद करना गरीबों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।
नानपारा-मैलानी रेल प्रखंड पर चल रही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन हाईकोर्ट के निर्देश पर रविवार से बंद कर दिया जाएगा। ट्रेन का संचालन बंद करने की जानकारी मिलने पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। शुक्रवार को मिहींपुरवा के लोगों ने बाजार बंद कर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। जबकि शनिवार को मिहींपुरवा विकास खंड का बिछिया बाजार पूरी तरह से बंद रहा। बिछिया में फकीरपुरी, बर्दिया, सुजौली समेत पांच गांवों के ग्रामीण पहुंचे।
मैलानी से चलकर बहराइच जाने वाली ट्रेन पहुंची। ग्रामीणों ने ट्रेन रोक कर उसके आगे खड़े होकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने ट्रेन का संचालन बंद किए जाने का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे समाजसेवी जंग हिंदुस्तानी ने कहा कि तराईवासियों के लिए ट्रेन ही प्रमुख आवागमन का संसाधन है। ऐसे में इसके संचालन के लिए सरकार अध्यादेश लाए या सुप्रीमकोर्ट में सरकारी वकील से पैरवी कराए, जिससे ट्रेन का संचालन बंद न हो सके। ट्रेन का संचालन बंद होने से गरीब जनता जिला मुख्यालय का सफर बस से नहीं कर पाएगी।
सोनू खान ने कहा कि रेल हम लोगों की जान है। रेल का संचालन बंद होने से स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। संरक्षित वन क्षेत्र के कारण वैसे भी बेरोजगारी है। ऐसे में रेल का संचालन ठप होना जनता की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। ग्रामीणों ने कहा कि ट्रेन का संचालन बंद होने पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद लोगों ने रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा। इस मौके पर केशव सिंह, वकील अहमद, सुरेंद्र सिंह, लालजी, नसीर अहमद, सुशील गुप्ता, रोशन मदेशिया, दवित गुप्ता, जमील अहमद, सरोज गुप्ता, सरोज यादव, महेंद्र यादव, मुश्ताक अली आदि मौजूद रहे।