प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी
नायब तहसीलदार ने अधिकारियों को गांव के हालात की सूचना दी। उस समय जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय की बैठक में शामिल होने के लिए एसडीएम जिला मुख्यालय पर थे। डीएम को सूचना देने के बाद एसडीएम शाम करीब 5.00 बजे गांव पहुंचे। एसडीएम के पहुंचते ही ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की। इसके बाद सभी किसी तरह शांत हुए। तय हुआ कि जहां नींव बनाई गई है, वहां नाली निर्माण के लिए संबंधित जमीन खरीदकर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। ग्रामीण इसके लिए तैयार हो गए।
अधिकारियों की गाड़ी के आगे बैठे ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
एसडीएम ने सप्ताहभर में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को जाने दिया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण जल निकासी की समस्या से परेशान थे। वार्ता के बाद सहमति बनी है और सप्ताहभर में समस्या का समाधान कराया जाएगा।
एडीओ पंचायत को खोजकर बुलाया
एसडीएम के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ को देखते हुए एडीओ पंचायत फखरपुर मौके से खिसक गए। एसडीएम ने उन्हें आवाज देकर बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसके बाद सीओ ने पुलिसकर्मियों से उनकी तलाश कराई। एडीओ पंचायत गांव के बाहर मिले। अधिकारियों ने कार्रवाई की चेतावनी दी तो वह वापस मौके पर पहुंचे।
बाढ़ प्रभावित है इलाका
भौरी गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है। करीब सप्ताहभर पहले आई बाढ़ का पानी जल निकासी बाधित होने के कारण गांव से बाहर नहीं निकल सका। ग्रामीणों का कहना है कि निकासी बंद होने से खेतों और आबादी में पानी भरने की समस्या बढ़ गई है। इसी को लेकर ग्रामीण लंबे समय से तहसील प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे थे।