तराई में ठंड कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। कड़ाके की ठंड के चलते एक ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं मौसम की करवट से सोमवार की भोर कोहरे और धुंध में लिपटी रही। दोपहर में सूरज तो निकला, लेकिन गलन बरकरार रही। सूरज के छिपते ही जिला कोहरा और धुंध के आगोश में आ गया। इस दौरान सबसे अधिक दिक्कत घरों से बाहर निकले लोगों को हुई। तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। तेज पछुवा हवाओं के चलने से गलन और बढ़ गई है।
तराई में मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। कड़ाके की ठंड के चलते नवाबगंज थाना क्षेत्र के मिर्चिया गांव निवासी गोबरे (58) ने रात में दम तोड़ दिया। परिवारीजनों के मुताबिक फसल की नीलगाय से निगरानी करने के लिए रात करीब 10 बजे गोबरे खेत को गए थे। वहां से लौटे तो पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। परिवारीजनों ने अलाव जलाकर राहत पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन हालत बिगड़ गई।
इस पर उसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की गई, लेकिन इसी दौरान गोबरे ने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। गौरतलब हो कि रात में कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार की सुबह कोहरे में लिपटी हुई थी। करीब आठ बजे कोहरा तो छंट गया, लेकिन धुंध पूरे दिन बरकरार रही। दोपहर में 12 बजे सूरज चमका, लेकिन बादलों ने कुछ देर बाद फिर सूरज को ढक लिया। जिससे दिन भर लोग कांपते रहे।
सबसे अधिक दिक्कत घरों से बाहर निकले मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को हुई। कोहरे के कारण सुबह और रात्रिकालीन रेल तथा परिवहन सेवाएं चरमराई रहीं। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्यियस व न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। बर्फीली पछुवा हवाएं छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में मौसम में कोई खास तब्दीली के आसार नहीं मिल रहे हैं।