रुपईडीहा (बहराइच)। बख्शीपुर वन चौकी परिसर में वन विभाग की ओर से शुक्रवार को बाघ सुरक्षा माह के तहत गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें एसएसबी और वन विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। वनाधिकारियों ने कहा कि गन्ने के खेत में निवास बना चुके बाघ और तेंदुए जंगल की ओर रुख कर रहे हैं। इससे उनके हमले भी बढ़े हैं। ऐसे में ग्रामीण संभलकर निकलें। बाघ और तेंदुओं की सुरक्षा भी हमारी ही जिम्मेदारी है।
बहराइच वन प्रभाग के रुपईडीहा रेंज अंतर्गत बख्शीपुर वन चौकी परिसर में बाघ सुरक्षा माह के तहत गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें एसएसबी के जवान, ग्रामीण व वनाधिकारी मौजूद रहे। वन क्षेत्राधिकारी अनूप बाजपेई ने कहा कि गन्ने के खेत में बाघ और तेंदुए निवास बना लेते हैं। अब मिलों का संचालन होने से किसान गन्ने की फसल काट रहे हैं। जिससे बाघ और तेंदुए जंगल की ओर जा रहे हैं। इनके बीच पड़ने वाले ग्रामीण हमले का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण स्वयं हमले से बचें और बाघ तथा तेंदुए की सुरक्षा करें। इनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। एसएसबी के उपनिरीक्षक सुखाराम ने कहा कि कहीं पर बाघ और तेंदुए दिखे तो वनकर्मियों को सूचना दें। नंबर न मिलने पर एसएसबी को भी मामले से अवगत करा सकते हैं। पूरी मदद की जाएगी। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सभी सहयोग करें। गोष्ठी में ग्रामीणों को जागरूकता पंपलेेट व पोस्टर भी वितरित किए गए। इस दौरान वन दरोगा विनय राना, मोहम्मद अरशद खान अनंतराम, एसएसबी जवान व ग्रामीण मौजूद रहे।