05 बीएचआर 16 - स्टोरी- नानपारा में स्थित टोल प्लाजा।
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बहराइच। राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग अनिवार्य होने के बाद भी जिले में रोजाना करीब 300 वाहन बिना फास्टैग के ही गुजर रहे है। दोगुना पैसे लेने पर टोल कर्मियों से वाहन चालकों की कहासुनी होती है। यह सिलसिला दिनभर चलता रहता है। इस वजह से ज्यादातर वक्त लंबा जाम लगा रहता है।
जिले में बहराइच-लखनऊ मार्ग, रूपईडीहा-बहराइच मार्ग व बहराइच-श्रावस्ती हाईवे पर टोल प्लाजा संचालित हैं। टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति न पैदा हो व राहगीरों को टोल पर ज्यादा समय न रुकना न पड़े इसके लिए एनएसएआई ने 15 फरवरी से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग की सुविधा लागू कर दी थी। इससे लोगों को अब टोल पर बिना रुके ही यात्रा की सुविधा मिल रही है, लेकिन अब भी रोजाना तीनों टोल प्लाजा पर लगभग 300 वाहन बिना फास्टैग गुजर रहे है। टोल मैनेजर की मानें तो दोगुना दाम लेने पर वाहन स्वामी टोलकर्मी से उलझ जाते हैं। इसके चलते वाहनों की लाइन लग जाती है। जाम की स्थिति पैदा होने से काफी समस्या होती है। बिना फास्टैग वाले वाहनों में सबसे ज्यादा संख्या कार की बताई जा रही है।
बहराइच-लखनऊ हाईवे पर कैसरगंज में स्थित टोल प्लाजा से बचने के लिए लोग शॉर्टकर्ट रास्ता अपना रहे हैं। लखनऊ से आने व जाने वाले लोग कैसरगंज से हुजूरमार्ग होते हुए बहराइच आ जा रहे है। वहीं स्थानीय लोग बघरौली गांव से होते हुए सफर तय कर रहे है। इससे टोल प्लाजा को नुकसान भी हो रहा है।
कैसरगंज टोल प्लाजा से लगभग तीन हजार गाड़िया रोज गुजरती हैं। इसमें से 75 प्रतिशत वाहनों पर फास्टैग लगा पाया जाता है। 25 प्रतिशत वाहन अब भी बिना फास्टैग के टोल से गुजर रहे हैं। इनमें से कुछ तो शॉर्ट कट अपना कर गांव व अन्य मार्गों से होकर जा रहे हैं। बिना फास्टैग के वाहनों से दोगुना पैसा लिया जा रहा है।
- पंकज सिंह, टोल शिफ्ट इंचार्ज, कैसरगंज