बहराइच। जिले में यूरिया का पर्याप्त भंडारण होने के बावजूद किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। सहकारी समितियों पर रोजाना हजारों बोरी यूरिया भेजने का दावा हो रहा है, लेकिन किसानों तक खाद नहीं पहुंच पा रही है। पयागपुर और हुजूरपुर क्षेत्रों में हालात इतने खराब हैं कि किसानों को खेत छोड़कर घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
बुधवार को जिले में 10 हजार बोरी और बृहस्पतिवार को 4200 बोरी यूरिया समितियों को भेजी गई। इसके अलावा बफर गोदाम से 13,552 बोरी यूरिया का आवंटन हुआ। इसके बावजूद समितियों पर खाद की किल्लत से किसानों का गुस्सा फूट रहा है।
बृहस्पतिवार को पयागपुर तहसील परिसर में किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए खाद उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों के प्रदर्शन से अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हरिशंकर पटेल ने पुलिस बल की मौजूदगी में उपलब्ध 75 बोरी यूरिया किसानों में बंटवाई। कई किसान निराश होकर लौट गए।
प्रशासन का कहना है कि दो दिनों में नई खेप आने वाली है। किसानों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ आंकड़ों में खाद उपलब्ध दिखा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि किसान लाइन में भूखे-प्यासे खड़े रहते हैं और खाद कुछ चुनिंदा लोगों तक ही पहुंचती है।
हुजूरपुर क्षेत्र में स्थिति सबसे खराब है। किसान कैलाश ने बताया कि वे कई दिनों से खाद के लिए सिरौला, खरगापुर और बसंतपुर समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक एक बोरी भी नहीं मिली।
किसान रामनिवास का कहना है कि समितियों पर 400 बोरी यूरिया आती है, जबकि हजार किसान लाइन में खड़े रहते हैं। ऐसे में खाद मिलना नामुमकिन हो जाता है और कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
अनियमितता में चार विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि जुलाई में जिले के चार उर्वरक विक्रेताओं द्वारा खाद वितरण में की जा रही भारी अनियमितता पकड़ी गई। दुकानदारों ने पीओएस मशीन में किसानों को 40-40 बोरी यूरिया दिखाकर कम मात्रा में खाद दी। जांच में गड़बड़ी साबित होने पर शुक्ला खाद बीज भंडार रनियापुर गोबरही, बर्मा बीज भंडार इटहा चौराहा, कमलेश कुमार यादव खाद बीज भंडार करमुल्लापुर और जायसवाल खाद भंडार राजापुर कला के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।