बहराइच के विकास भवन सभागार में जिला पंचायत की बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष नदीम मन्ना।
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बहराइच। जिला पंचायत की बैठक सोमवार को विकास भवन सभागार में हुई, जिसमें आवंटित धनराशि के सापेक्ष विकास कार्य नहीं कराए जाने को लेकर हंगामा शुरू हो गया। इसके लिए अपर मुख्य अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए सदस्यों ने निंदा, स्थानांतरण और कार्यमुक्त किए जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। इस दौरान सीडीओ व विधायक महसी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के बीच बैठक समाप्त हुई।
जिला पंचायत अध्यक्ष नदीम मन्ना की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला पंचायत की बैठक शुरू हुई। इस दौरान पिछली बैठक 23 फरवरी की कार्रवाई की पुष्टि के दौरान तथा विकास कार्यों के लिए शासन से वर्ष 2018-19 तथा वर्ष 2019-20 में आवंटित धनराशि के सापेक्ष विकास कार्य नहीं कराए जाने के कारण अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत प्रदीप गुप्ता तथा प्रशासक जिला पंचायत व सीडीओ अरविंद चौहान पर उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए सदस्यों की ओर से निंदा प्रस्ताव तथा स्थानानंतरण का प्रस्ताव पारित किया गया।
इसके अलावा अपर मुख्य अधिकारी द्वारा अपने कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन न करने और जिला पंचायत में बजट डंप कर विकास कार्यों को बाधित करने के कारण भी उनको सदस्यों की ओर से कार्य मुक्त करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक में मौजूद विधायक महसी सुरेश्वर सिंह से सीडीओ अरविंद चौहान व एएमए प्रदीप गुप्ता के साथ तीखी नोंकझोंक भी हुई। बैठक हंगामे के बीच खत्म हुई।
इस मौके पर विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, विधायक नानपारा के प्रतिनिधि पूर्व विधायक दिलीप कुमार वर्मा, विधायक सदर के प्रतिनिधि जय प्रकाश शर्मा, विधायक बलहा के प्रतिनिधि आलोक जिंदल, विधायक पयागपुर के प्रतिनिधि निशंक त्रिपाठी, सदस्य भरत लाल पांडेय, अमरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
शासनादेश से हटकर नहीं होगा काम
अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि सरकार ने जिला पंचायत के कार्यों का तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराने का आदेश जारी कर रखा है। कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से दबाव बनाकर बिना जांच के भुगतान कराने का प्रयास कराया जाता है। इसका विरोध किए जाने के कारण ही बैठक में सदस्यों की ओर से हंगामा किया जा रहा था। शासनादेश से हटकर कोई काम नहीं किया जाएगा। यह बैठक में साफ कर दिया गया है।